
आज बिहार विधानसभा की कार्यवाही काफी गहमागहमी भरी रही। जहाँ एक ओर विधायकों ने अपने फंड की राशि बढ़ाने के लिए एकजुटता दिखाई, वहीं सरकार ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए कड़े कानून लाने के संकेत दिए। सुबह की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों तरफ के विधायकों ने विधायक निधि (MLA Fund) को 4 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की मांग को लेकर शोर-शराबा किया। वहीं, बढ़ते दबाव के बीच डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सदन को आश्वस्त किया कि विधायकों की इस मांग से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा।
दरअसल, जदयू विधायक समृद्ध वर्मा के एक सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने और ऑनलाइन गेमिंग को नियंत्रित करने के लिए एक नया कानून बनाने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है। सियासी गलियारे में राजद विधायक भाई वीरेंद्र का बयान चर्चा का विषय बना रहा। उन्होंने राज्यसभा चुनाव को लेकर अपनी व्यक्तिगत राय रखते हुए कहा- “राज्यसभा में हमारी एक सीट तय है। मैं चाहता हूँ कि हिना शहाब को उम्मीदवार बनाया जाए। इससे एक तीर से कई निशाने साधे जा सकते हैं।”
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रालोमा विधायक ने शराबबंदी की समीक्षा वाली अपनी मांग पर स्पष्ट किया कि इसे राजनीति नहीं, बल्कि जनहित के नजरिए से देखा जाना चाहिए। हालांकि, सदन के दूसरे सत्र में वित्त विभाग के प्रभारी मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने बिहार विनियोग विधेयक 2026 पेश किया, जिसे सदन की स्वीकृति मिल गई। इसी के साथ यहाँ सरकारी आश्वासन समिति के अध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र नारायण यादव ने समिति का 28वां प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखा।