
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनाव ने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। 16 मार्च को होने वाले मतदान के लिए तारीखों का ऐलान होते ही कयासों का बाजार गर्म है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा किसी पुराने राजनेता की नहीं, बल्कि भोजपुरी सिनेमा के ‘पावर स्टार’ पवन सिंह की हो रही है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पवन सिंह को राज्यसभा भेजकर एक बड़ा राजनीतिक दांव खेल सकती है।
क्या है राज्यसभा का गणित?
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं। वर्तमान विधानसभा के संख्या बल को देखें तो दो सीटें स्पष्ट रूप से भाजपा के खाते में जाती दिख रही हैं। जदयू (JDU) अपने कोटे की सीटों पर पुराने चेहरों को दोहरा सकती है, जबकि राजद (RJD) के लिए अपनी दोनों सीटें बचाना इस बार बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। भाजपा के पास आने वाली संभावित दूसरी सीट के लिए कई दावेदार हैं, लेकिन पवन सिंह का नाम सबसे ऊपर उभरकर सामने आया है।
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चुनाव प्रचार का मिलेगा ‘इनाम’?
पवन सिंह के नाम की चर्चा अकारण नहीं है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पवन सिंह ने भाजपा के लिए जमकर पसीना बहाया था। उनकी रैलियों में उमड़ने वाली भारी भीड़ ने भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। सूत्रों की मानें तो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ तभी यह सहमति बनी थी कि उन्हें किसी बड़े मंच पर जगह दी जाएगी। अब राज्यसभा चुनाव के रूप में वह अवसर आता दिख रहा है।
भोजपुरी बेल्ट को साधने की रणनीति
भाजपा पवन सिंह के जरिए न केवल बिहार बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में भी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। पवन सिंह की युवाओं और भोजपुरी भाषी मतदाताओं के बीच जबरदस्त लोकप्रियता है। उन्हें राज्यसभा भेजकर पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि वह क्षेत्रीय कलाकारों और सांस्कृतिक प्रतीकों को राष्ट्रीय राजनीति में सम्मानजनक स्थान देती है।
संगठन बनाम लोकप्रियता: भाजपा के लिए कठिन फैसला
हालांकि, पवन सिंह के लिए यह रास्ता इतना भी आसान नहीं है। भाजपा के पास संगठन में दशकों से समर्पित वरिष्ठ नेताओं की एक लंबी फेहरिस्त है। पार्टी को यह तय करना होगा कि वह चुनावी राजनीति के अनुभवी चेहरों को प्राथमिकता देगी या पवन सिंह जैसे ‘क्राउड पुलर’ चेहरे को। अगर पवन सिंह को टिकट मिलता है, तो यह उनके राजनीतिक करियर की एक नई और औपचारिक शुरुआत होगी।
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 26 फरवरी 2026 से नामांकन के साथ शुरू होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च है और 16 मार्च को मतदान होगा। फिलहाल, पवन सिंह के प्रशंसक और बिहार के राजनीतिक विश्लेषक भाजपा की आधिकारिक सूची का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।