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बिहार में भू-माफियाओं की खैर नहीं: जाली कागजात बनवाए तो होगी 7 साल की जेल, विजय सिन्हा ने विधानसभा में किया बड़ा एलान

बिहार, विजय सिन्हा

बिहार में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी को जड़ से खत्म करने के लिए नीतीश सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। शुक्रवार को विधानसभा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक क्रांतिकारी घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राज्य में जमीन के जाली दस्तावेज तैयार करने या उन्हें पेश करने वालों के खिलाफ अनिवार्य रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज होगी और दोषियों को 7 साल तक की कठोर सजा भुगतनी होगी।

जमीन धोखाधड़ी पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि जमीन के कागजों में हेरफेर करने वाले अब कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे। सरकार ने विभाग के 21 अरब 90 करोड़ रुपये से अधिक के बजट को पारित कराते हुए यह साफ कर दिया है कि भू-माफियाओं के खिलाफ कड़े विधायी प्रावधान किए जा रहे हैं। हालांकि, सरकार के इस जवाब के दौरान विपक्षी दलों ने असंतोष जताते हुए सदन से वाकआउट किया, लेकिन सरकार अपने फैसले पर अडिग दिखी।

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पनोरमा ग्रुप पर आयकर का ‘मेगा ऑपरेशन’ समाप्त
एक तरफ सरकार कानून सख्त कर रही है, वहीं दूसरी ओर आयकर विभाग (Income Tax) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में बेनामी निवेश के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। कोसी-सीमांचल के दिग्गज कारोबारी और पनोरमा ग्रुप के सीएमडी संजीव मिश्रा के ठिकानों पर पिछले 70 घंटों से चल रही छापेमारी शुक्रवार सुबह समाप्त हुई। पटना, रांची और भागलपुर के 200 अधिकारियों की टीम ने पूर्णिया, अररिया और सुपौल के 20 ठिकानों को खंगाला।

छापेमारी में क्या-क्या मिला?

नकदी और सोना: पूर्णिया मुख्यालय से 1.25 करोड़ रुपये नकद और लगभग 3 किलो सोना बरामद किया गया है।

बेनामी संपत्ति: सबसे बड़ी बरामदगी जमीन और रियल एस्टेट से जुड़े 400 महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं, जिनकी बाजार कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

डिजिटल सबूत: अधिकारियों ने लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनसे टैक्स चोरी के बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद है।

राजनीतिक रसूख और रडार पर निवेश
संजीव मिश्रा केवल एक बिल्डर ही नहीं, बल्कि मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। उनके राजनीतिक रसूख के बीच हुई इस कार्रवाई ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। विभाग पिछले 6 महीनों से इस ग्रुप की रेकी कर रहा था। फिलहाल जब्त बैंक खातों और निवेश के रिकॉर्ड्स की गहन जांच जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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