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पनोरमा ग्रुप पर आयकर का ‘मेगा स्ट्राइक’: 70 घंटे की छापेमारी, 100 करोड़ के दस्तावेज और भारी मात्रा में सोना-कैश बरामद

बिहार,मेगा स्ट्राइक

बिहार के रियल एस्टेट सेक्टर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कोसी-सीमांचल के दिग्गज कारोबारी और पनोरमा ग्रुप के सीएमडी संजीव मिश्रा के ठिकानों पर आयकर विभाग (Income Tax) ने अपनी जांच पूरी की। लगभग 70 घंटों तक चली यह मैराथन छापेमारी शुक्रवार सुबह समाप्त हुई, जिसमें विभाग ने करोड़ों की अघोषित संपत्ति और बेनामी निवेश का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है।

छापेमारी का मुख्य विवरण
आयकर विभाग की यह कार्रवाई मंगलवार को एक साथ अररिया, सुपौल और पूर्णिया के 20 से अधिक ठिकानों पर शुरू हुई थी। इस ‘मेगा ऑपरेशन’ को अंजाम देने के लिए पटना, रांची और भागलपुर से करीब 200 अधिकारियों की विशेष टीम बुलाई गई थी। छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई थी।

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क्या-क्या हुआ बरामद?
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में अवैध कमाई और निवेश के चौंकाने वाले सबूत मिले हैं:

नकदी और आभूषण: पूर्णिया स्थित कंपनी के मुख्य कार्यालय से 1.25 करोड़ रुपये से अधिक का कैश बरामद किया गया है। इसके अलावा, ठिकानों से लगभग 3 किलोग्राम सोना और अन्य कीमती जेवरात जब्त किए गए हैं।

दस्तावेज और बेनामी संपत्ति: सबसे बड़ी कामयाबी जमीन और रियल एस्टेट निवेश से जुड़े 400 से अधिक महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बरामदगी है। इन कागजातों में फ्लैट, मकान और कीमती भूखंडों का विवरण है, जिनकी अनुमानित बाजार वैल्यू 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

डिजिटल साक्ष्य: विभाग ने संजीव मिश्रा और उनके करीबी कर्मचारियों के लैपटॉप, मोबाइल फोन और हार्ड ड्राइव को जब्त कर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल डेटा के विश्लेषण से टैक्स चोरी के और भी बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल
संजीव मिश्रा न केवल एक बड़े बिल्डर हैं, बल्कि वे मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। चुनाव से पहले और राजनीतिक रसूख के बीच हुई इस बड़ी कार्रवाई ने प्रशासनिक और राजनीतिक हल्कों में हलचल तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि पनोरमा ग्रुप पिछले 6 महीनों से आयकर विभाग के रडार पर था। लंबी रेकी और खुफिया जानकारी जुटाने के बाद, विभाग ने ग्रुप के ई-होम्स, स्कूलों और अस्पतालों पर एक साथ धावा बोला। फिलहाल, जब्त किए गए बैंक खातों और निवेश के रिकॉर्ड की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।

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