
बिहार परिवहन विभाग ने राज्य की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। डिजिटल निगरानी और अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग से पिछले दो महीनों (दिसंबर 2025 – जनवरी 2026) में चालान काटने की दर में 45 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई है। “हमारा लक्ष्य केवल राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि बिहार की सड़कों को सुरक्षित बनाना और दुर्घटनाओं में कमी लाना है। नियमों का पालन सभ्य समाज की पहचान है।”– श्रवण कुमार, परिवहन मंत्री
प्रमुख आंकड़े: एक नज़र में
औसत मासिक चालान: 43,000 (अप्रैल-नवंबर) से बढ़कर 62,000 (दिसंबर-जनवरी)।
कुल जारी चालान: अप्रैल 2025 से अब तक 4,97,131।
कुल जुर्माना राशि: ₹301.28 करोड़ से अधिक।
संग्रहित राशि: ₹115.23 करोड़ सरकारी खजाने में जमा।
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जिलों का प्रदर्शन:
भविष्य की तैयारी:
138 हॉटस्पॉट्स: राज्य के चिन्हित स्थानों पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू होगा।
ऑटोमैटिक ई-चालान: हाई-टेक कैमरे ओवर-स्पीडिंग, हेलमेट न पहनना और रेड लाइट जंप करने जैसे मामलों में रियल-टाइम चालान भेजेंगे।
पारदर्शिता: हैंड हेल्ड डिवाइस के उपयोग से भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो गई है और पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो चुकी है।
