
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के लिए शुक्रवार का दिन राहत भरा रहा। पटना सिविल कोर्ट ने उन्हें उन सभी तीन मामलों में जमानत दे दी है, जिनकी वजह से वे न्यायिक हिरासत में थे। इस फैसले के बाद अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
मामले की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम;
पप्पू यादव की मुश्किलें 6 फरवरी को शुरू हुई थीं, जब पुलिस ने उन्हें 31 साल पुराने एक लंबित मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि उस केस में उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन पुलिस ने तुरंत कोतवाली थाने से जुड़े दो अन्य पुराने मामले (वर्ष 2017 और 2019 के) उनके खिलाफ जोड़ दिए, जिसके कारण उन्हें फिर से जेल जाना पड़ा।
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सुनवाई के दौरान भावुक हुए सांसद;
9 फरवरी से लगातार चल रही सुनवाई के बीच, गुरुवार को जब पप्पू यादव की कोर्ट में पेशी हुई, तो वे जज के सामने अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने अपनी गिरती सेहत का हवाला देते हुए कोर्ट से कहा- “हुजूर, मैं बहुत तकलीफ में हूँ। प्रोस्टेट की समस्या बढ़ने के कारण मुझे असहनीय दर्द और बेचैनी हो रही है। पुलिस मुझे अपराधियों की तरह बेऊर जेल से ला रही है।”
कोर्ट में पेशी का दृश्य;
गुरुवार को सांसद को भारी सुरक्षा के बीच कैदी वाहन में पटना सिविल कोर्ट लाया गया था। खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें व्हीलचेयर पर बैठकर कोर्ट रूम तक ले जाया गया। वहां उन्होंने अपने वकीलों से मशवरा किया और जज के समक्ष अपनी शारीरिक पीड़ा और स्थिति को विस्तार से रखा।
