
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के लिए कानूनी डगर कठिन होती जा रही है। अलग-अलग पुराने मामलों में घिरे सांसद को गुरुवार को भी अदालत से राहत नहीं मिल सकी। पटना सिविल कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई एक बार फिर टल गई है, जिसके कारण उन्हें फिलहाल कस्टडी में ही रहना होगा। अब सबकी निगाहें शुक्रवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।
तीन मामलों में फंसा पेच
पप्पू यादव को वर्तमान में तीन प्रमुख मामलों में जमानत का इंतजार है। इनमें कोतवाली थाना के दो पुराने मामले (केस संख्या 111/2003 और 279/2017) शामिल हैं। इसके अलावा, बुद्धा कॉलोनी थाना में दर्ज ‘सरकारी कार्य में बाधा डालने’ से जुड़े एक मामले में भी उन्हें न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, गर्दनीबाग थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है, लेकिन बाकी मामलों में पेंच फंसने के कारण उनकी रिहाई मुमकिन नहीं हो पा रही है।
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क्यों टल रही है बार-बार सुनवाई?
सुनवाई टलने के पीछे अदालती माहौल और हालिया घटनाएं मुख्य कारण बताई जा रही हैं। गुरुवार को पटना में एक वकील की अधजली लाश उनके आवास से बरामद होने के कारण न्यायिक कार्यों में व्यवधान आया, जिससे सुनवाई नहीं हो सकी। इससे पहले, सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के चलते भी कार्यवाही बाधित हुई थी।
वकील ने लगाया ‘साजिश’ का गंभीर आरोप
पप्पू यादव के वकील ने इस पूरी देरी को एक सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद को जानबूझकर जेल में रखने के लिए कानूनी प्रक्रिया को लंबा खींचा जा रहा है। उनके अनुसार, जिस तरह से पुराने मामलों को फिर से सक्रिय किया जा रहा है और बार-बार सुनवाई टल रही है, वह जबरदस्त कानूनी घेराबंदी का हिस्सा है। वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक द्वेष के तहत निशाना बनाया जा रहा है।
शुक्रवार का दिन होगा निर्णायक
शुक्रवार को पप्पू यादव को एक बार फिर सिविल कोर्ट में पेश किया जाएगा। यदि कल उन्हें शेष तीन मामलों में बेल मिल जाती है, तो उनके बाहर आने का रास्ता साफ हो जाएगा। समर्थक भारी संख्या में कोर्ट परिसर के बाहर जुट रहे हैं, जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।