
बिहार विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन काफी हंगामेदार रहा। सदन की कार्यवाही के दौरान जहाँ एक ओर वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव द्वारा बजट पेश करने की तैयारी थी, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने अवैध खनन के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा। मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद ने राज्य में जारी बालू और खनिजों के अवैध उत्खनन पर गंभीर सवाल उठाए, जिसका जवाब उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बेहद कड़े लहजे में दिया।
विधायक मनोहर प्रसाद के तीखे सवाल
प्रश्नकाल के दौरान मनिहारी विधायक मनोहर प्रसाद ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनके क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में नियमों को ताक पर रखकर बालू और खनिजों का अवैध खनन किया जा रहा है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि इस अवैध कारोबार से न केवल सरकारी राजस्व को करोड़ों की चपत लग रही है, बल्कि पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुँच रही है। विधायक ने आरोप लगाया कि लंबे समय से शिकायत के बावजूद धरातल पर कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा है और भू-माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं।
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विजय सिन्हा का पलटवार: ‘बिहार में ओवरलोडिंग पूरी तरह बंद’
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार अवैध खनन को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। डिप्टी सीएम ने मनिहारी का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां हाल ही में बड़ी छापेमारी की गई है और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
विजय सिन्हा ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा, “बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां ट्रकों की ओवरलोडिंग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार राजस्व की चोरी करने वाले किसी भी सिंडिकेट को बर्दाश्त नहीं करेगी और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गड़बड़ी मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
एक्शन मोड में डिप्टी सीएम
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का जिम्मा संभाल रहे विजय सिन्हा पिछले कुछ समय से लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। जिलों में आयोजित ‘जनसंवाद’ कार्यक्रमों के जरिए वे सीधे जनता से जुड़ रहे हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ मौके पर ही कड़े फैसले ले रहे हैं। सदन में उनके तेवरों से साफ हो गया कि आगामी दिनों में अवैध खनन के खिलाफ अभियान और तेज होगा।