
बिहार के पूर्णिया जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। 28 वर्षीय प्रसिद्ध कारोबारी और सोशल मीडिया ब्लॉगर सूरज बिहारी (उर्फ सूरज यादव) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना 26 या 27 जनवरी 2026 को मरंगा थाना क्षेत्र के वसंत विहार, फन सिटी पार्क के पास नेवालाल चौक के निकट हुई, जहां बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की।
सूरज बिहारी शहर के बड़े मक्का (मक्के) व्यापारी थे। उनके पिता जवाहर यादव के बिजनेस को उन्होंने और आगे बढ़ाया, जिसके तहत शहर में 18 गोदाम और बिल्डिंग मटेरियल का करोड़ों का कारोबार चल रहा था। रियल एस्टेट में भी निवेश के साथ उनका टर्नओवर लगभग 15 करोड़ रुपये के आसपास बताया जाता है। उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल भी चर्चित थी कि वे 2.5 करोड़ की डिफेंडर कार, 20 लाख की स्कॉर्पियो और महंगी बाइक चलाते थे। शूटिंग के शौकीन सूरज 22 लाख की पिस्टल रखते थे और 2-3 सशस्त्र गार्ड पर हर महीने करीब 1 लाख रुपये खर्च करते थे। सोशल मीडिया पर उनकी काफी फैन फॉलोइंग थी। इंस्टाग्राम पर 20.2k और फेसबुक पर 11k+ फॉलोअर्स थे। वे नियमित रूप से वीडियो और रील्स पोस्ट करते थे, जिसमें उनकी अमीरी, कारें और लाइफस्टाइल दिखती थी। ब्लॉगिंग और वीडियोग्राफी उनका शौक था, और कम उम्र में ही उन्होंने मेहनत से नाम और दौलत कमाई। तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी और एक डेढ़ साल की बेटी भी है। वे तीन भाइयों में सबसे बड़े थे।
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हत्या का कारण एक छोटा-सा सोशल मीडिया विवाद था, जो इंस्टाग्राम पोस्ट/रील से शुरू हुआ। सरस्वती पूजा के दौरान उनके छोटे भाई उदय यादव के दोस्त सूरज शर्मा ने एक लड़की की फोटो या रील शेयर की, जिससे लड़की के बॉयफ्रेंड स्नेहिल झा नाराज हो गए। इस पर झगड़ा बढ़ा और मारपीट हुई। समझौता कराने के लिए सूरज बिहारी अपने भाई और दोस्त के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। लेकिन बात नहीं बनी तो विपक्ष से ब्रजेश सिंह (स्नेहिल झा के साथी) और उसके भाई नंदू सिंह समेत 20-25 लोगों का ग्रुप आ गया। उन्होंने कमर में छिपाई पिस्तल और थ्री-नॉट से ताबड़तोड़ 5 राउंड फायरिंग की। सूरज को चेस्ट, पेट और बांह में 3 गोलियां लगीं। वे मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। गार्ड और फुफेरा भाई किसी तरह भाग निकले। पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान पर FIR दर्ज की है। मुख्य आरोपी स्नेहिल झा, ब्रजेश सिंह, नंदू सिंह समेत 7 लोगों के खिलाफ केस है, लेकिन 48 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। पुलिस छापेमारी कर रही है और एसपी स्वीटी सहरावत ने ‘लड़की का एंगल’ होने की पुष्टि की है। यह मामला पूर्णिया में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, जहां पैसा, पावर और सिक्योरिटी के बावजूद ऐसी घटना हो गई।
