
बिहार के बगहा में एनएच-727 पर सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए ‘सिस्टम की सुस्ती’ जी का जंजाल बन गई है। मंगलपुर रेलवे गुमटी पर बहुप्रतीक्षित 69 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रेल ओवरब्रिज (ROB) का काम पूरी तरह ठप हो गया है। विभागीय समीक्षा में भारी लापरवाही पाए जाने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित ठेकेदार का टेंडर रद्द कर दिया है।
ठेकेदार की मनमानी पर विभाग की गाज
मंगलपुर रेलवे गुमटी पर आरओबी का निर्माण बगहा शहर के लिए किसी जीवनरेखा से कम नहीं माना जा रहा था। इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी जिस ठेकेदार को सौंपी गई थी, उसने निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम में कोई रुचि नहीं दिखाई। काम की रफ्तार इतनी सुस्त थी कि अंततः निर्माण कार्य पूरी तरह बंद कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए अनुबंध (Contract) को निरस्त करने का फैसला लिया।
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खुदी हुई सड़कें बनीं मौत का फांस
कार्य बंद होने के बाद सबसे भयावह स्थिति धरातल पर दिख रही है। पहले फेज के दौरान ठेकेदार ने सड़क की खुदाई तो कर दी, लेकिन अब काम बंद होने से वह गड्ढे और अधूरी सड़क राहगीरों के लिए मुसीबत बन गए हैं। इस मुख्य मार्ग पर दिन भर धूल का गुबार उड़ता रहता है और वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। स्थानीय जनता का कहना है कि “विकास के नाम पर सड़क खोद दी गई, अब न पुल बना और न ही सड़क चलने लायक बची।”
अधिकारियों का आश्वासन: मार्च तक होगा नया टेंडर
इस पूरे संकट पर एनएच विभाग के जूनियर इंजीनियर जितेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग इस देरी को लेकर गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी गड़बड़ियों को सुधारते हुए अब नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विभाग का लक्ष्य है कि फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह तक हर हाल में नए ठेकेदार का चयन कर लिया जाए ताकि रुका हुआ काम दोबारा शुरू हो सके।
जाम से मुक्ति की उम्मीद अभी बाकी
मंगलपुर गुमटी पर अक्सर ट्रेन आने-जाने के दौरान घंटों जाम लगा रहता है। इस आरओबी के बन जाने से एनएच-727 पर वाहनों की रफ्तार सुगम हो जाएगी और बगहा की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। लेकिन सवाल यही है कि क्या इस बार विभाग समय पर काम पूरा करा पाएगा? फिलहाल, बगहा की जनता धूल और जाम के बीच अपने सपनों के पुल का इंतजार करने को मजबूर है।

