
बिहार का नवादा जिला एक बार फिर साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का गवाह बना है। नवादा पुलिस की विशेष जांच दल (SIT) ने फेसबुक पर लुभावने विज्ञापन देकर और नामी फाइनेंस कंपनियों के नाम का सहारा लेकर ठगी करने वाले दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का जाल न केवल बिहार बल्कि उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है, जिससे पुलिस की इस कामयाबी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एसपी के निर्देश पर ‘जीरो टॉलरेंस’ एक्शन
नवादा एसपी अभिनव धीमान के कड़े रुख के बाद जिले में साइबर ठगों की शामत आ गई है। साइबर थाना प्रभारी प्रभा कुमारी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने गुप्त सूचना के आधार पर वारिसलीगंज और बुन्देलखण्ड थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से गिरोह के ठिकाने का पता लगाया और दो सक्रिय ठगों को धर दबोचा।
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कैसे बिछाते थे ठगी का ‘डिजिटल जाल’?
इन अपराधियों का काम करने का तरीका बेहद प्रोफेशनल और शातिर था। ये लोग फेसबुक पर ‘धनी फाइनेंस’ जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों के नाम से फर्जी विज्ञापन चलाते थे। विज्ञापनों में दावा किया जाता था कि बहुत ही कम ब्याज दर और बिना किसी कागजी झंझट के आसान लोन उपलब्ध है। जैसे ही कोई जरूरतमंद व्यक्ति विज्ञापन पर क्लिक कर इनसे संपर्क करता, ये सक्रिय हो जाते। शुरू में विश्वास जीतने के बाद, ये लोग प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज और इंश्योरेंस के नाम पर किश्तों में हजारों-लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।
गिरफ्तार ठगों की पहचान और यूपी कनेक्शन
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में से एक का तार सीधे उत्तर प्रदेश से जुड़ा है:
राज कुमार (25 वर्ष): पिता- अशोक सिंह, निवासी- कोचगाँव, वारिसलीगंज (नवादा)।
रहिसुद्धीन (46 वर्ष): पिता- जयासुद्धीन, निवासी- अंसार नगर, बुन्देलखण्ड (नवादा)। पुलिस के अनुसार, रहिसुद्धीन मूल रूप से अलीगढ़ (यूपी) का रहने वाला है, जो यहां रहकर गिरोह का संचालन कर रहा था। इनके पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए 3 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें ठगी के कई पुख्ता सबूत मिले हैं।
BNS की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज
साइबर थाना प्रभारी प्रभा कुमारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कांड संख्या 12/26 दर्ज की गई है। इस बार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अत्यंत सख्त धाराओं (318, 319, 336, 338, 340) का प्रयोग किया है। ये धाराएं धोखाधड़ी और साजिश रचने के गंभीर अपराधों के लिए हैं, जिससे आरोपियों को कड़ी सजा मिलना तय माना जा रहा है।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर दिखने वाले किसी भी अनजान लोन विज्ञापन पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी किसी को न दें।

