
नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की रहस्यमयी मौत के मामले में पटना की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के एक हॉस्टल से जुड़ा यह मामला हाल ही में सुर्खियों में आया था, जब मृतका के पिता ने अपनी बेटी की हत्या और दुष्कर्म के प्रयास का आरोप हॉस्टल मालिक मनीष कुमार रंजन पर लगाया था।
पटना सिविल कोर्ट की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कुमारी प्रिंकी प्रियंका ने गुरुवार को मामले की सुनवाई के बाद मनीष कुमार रंजन की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया। अदालत का यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ी राहत का संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इस निर्णय के बाद अब मनीष रंजन को जेल में ही रहना होगा।
9 जनवरी 2026 को मृतका के पिता के बयान पर चित्रगुप्त नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके आधार पर मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार किया गया और 15 जनवरी से वह न्यायिक हिरासत में हैं। मृतका के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को हॉस्टल के कमरे में बेहोशी की हालत में पाया गया था, और उसके शरीर पर चोट के निशान थे। इसके अलावा, उन्होंने यह भी शक जताया कि छात्रा के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया था।
घटना के बाद छात्रा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी उसके निजी अंगों पर चोट के निशान पाए गए थे, जिससे मामले में और गंभीर सवाल उठे हैं। पुलिस और SIT जांच टीम अब मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, हॉस्टल के रिकॉर्ड और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि इस मामले में अब तक एक ही गिरफ्तारी हुई है, और जांच एजेंसियां मामले के सभी तथ्य जुटाने में जुटी हैं।
अदालत के इस फैसले के बाद अब सभी की निगाहें जांच और चार्जशीट पर टिकी हुई हैं। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामले में और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जबकि सच कुछ और भी हो सकता है।