
राजधानी पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत और कथित दरिंदगी के मामले ने अब विशाल राजनीतिक रूप ले लिया है। इस घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने नीतीश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तेजस्वी यादव ने राज्य की विधि-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे ‘सत्ता संरक्षित लीपापोती’ करार दिया है।
तेजस्वी का बड़ा हमला: “अपराधियों को मेहमान समझती है पुलिस”
सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की डबल इंजन सरकार अब अत्याचारियों और बलात्कारियों का विश्वसनीय उपकरण बन चुकी है। उन्होंने ट्वीट किया, “भ्रष्ट तंत्र और वोट खरीदी से बनी यह असंवेदनशील सरकार बिहार की बेटियों पर जुल्म ढा रही है। सत्ता संपोषित अत्याचार होने के कारण सरकार के कर्ता-धर्ता इन वीभत्स घटनाओं पर मौन धारण कर महात्मा बनने का स्वांग रच रहे हैं।”
तेजस्वी ने आगे आरोप लगाया कि पटना और खगड़िया जैसी जगहों पर जब जनता इंसाफ मांगती है, तो पुलिस उन पर लाठियां बरसाती है, जबकि अपराधियों को ‘मेहमान’ की तरह सुरक्षित रखा जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी को ‘अपराधिक’ बताया।
रोहिणी आचार्य ने पूछा: कब थमेगा बिहार में बलात्कार?
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने बिहार की सुरक्षा व्यवस्था को शर्मसार बताते हुए सवाल किया कि क्या हॉस्टल में दरिंदगी की शिकार हुई बेटी को वाजिब इंसाफ मिलेगा? उन्होंने पूछा, “बिहार की मां-बहन और बेटियों की एक ही गुहार है, हमारे बिहार में बलात्कार कब थमेगा?”
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 6 जनवरी की सुबह शंभू गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में छात्रा बेहोश पाई गई थी। हॉस्टल प्रशासन उसे एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाता रहा, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई और अंततः 9 जनवरी को उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ दरिंदगी की गई और पुलिस ने शुरुआत में इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
तेजस्वी यादव ने मधेपुरा में विधवा से सामूहिक दुष्कर्म और खगड़िया में 4 साल की बच्ची के साथ हुई हैवानियत का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में अब कानून का राज पूरी तरह खत्म हो चुका है और जनता जल्द ही इसका हिसाब लेगी।

