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बिहार में पुलिस अंचलों की संख्या 357 से बढ़कर हुई 552; पटना-भागलपुर समेत कई जिलों में भारी विस्तार

बिहार,पुलिस महानिदेशक

बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने राज्य की कानून व्यवस्था और ठप पड़ी जांच प्रक्रिया (Investigation) में जान फूंकने के लिए एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ खेला है। पुलिस मुख्यालय ने राज्य में पुलिस अंचलों (Police Circles) की संख्या में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करते हुए 195 नए अंचल सृजित करने का निर्णय लिया है। इस बड़े प्रशासनिक सुधार के बाद बिहार में पुलिस अंचलों की कुल संख्या 357 से बढ़कर 552 हो जाएगी। डीजीपी की इस पहल का सीधा असर थानों में धूल फांक रही लंबित फाइलों और न्याय की उम्मीद लगाए बैठे पीड़ितों पर पड़ेगा।

केसों का बोझ होगा कम, जांच में आएगी पारदर्शिता
इस पुनर्गठन का सबसे बड़ा लाभ पुलिस अनुसंधान की गुणवत्ता में देखने को मिलेगा। वर्तमान व्यवस्था में एक पुलिस इंस्पेक्टर के कंधों पर औसतन 100 से 150 केस लंबित रहते हैं, जिसके कारण जांच कछुआ गति से चलती है। नए अंचलों के गठन के बाद कार्यभार का वैज्ञानिक तरीके से बंटवारा होगा, जिससे प्रत्येक इंस्पेक्टर के पास मामलों की संख्या घटकर लगभग 60 रह जाएगी। इससे न केवल चार्जशीट समय पर दाखिल होगी, बल्कि अपराधियों को सजा दिलाने की दर (Conviction Rate) में भी सुधार होगा।

इन जिलों में दिखेगा बड़ा बदलाव
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, राजधानी पटना सहित राज्य के सभी प्रमुख जिलों और रेल पुलिस के ढांचे में विस्तार किया गया है:

• पटना: अंचलों की संख्या 48 से बढ़कर अब 52 होगी।

• भागलपुर: यहाँ सबसे बड़ा विस्तार हुआ है, संख्या 8 से बढ़कर सीधे 19 हो गई है।

• गया: 22 से बढ़ाकर 29 पुलिस अंचल किए गए हैं।

• मुजफ्फरपुर: अब यहाँ 14 के बजाय 19 अंचल होंगे।

• रेल पुलिस: रेल पटना में अंचलों की संख्या 7 से 10 और रेल मुजफ्फरपुर में 5 से 7 कर दी गई है।

आम जनता के लिए ‘राहत की खबर’
यह नई व्यवस्था उन हजारों पीड़ितों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जिनके मामले संसाधनों या मैनपावर की कमी के कारण वर्षों से लटके हुए थे। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इस कदम से न केवल पुलिसिंग की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर पुलिस की जवाबदेही (Accountability) भी तय होगी। बेहतर मॉनिटरिंग के जरिए अब इंस्पेक्टर और सर्किल अधिकारी केस की डायरी समय पर अपडेट कर सकेंगे।

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