
बिहार की राजनीति में इन दिनों चिराग पासवान के एक बयान ने हलचल मचा दी है। राजधानी पटना में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी में असंतोष का आरोप लगाया और कहा कि दोनों दलों के कई विधायक और नेता उनकी पार्टी से संपर्क कर रहे हैं। चिराग ने कहा कि विपक्षी दलों के विधायकों के पास उनके पार्टी में आने की इच्छा है, हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे पार्टी से जुड़ेंगे या नहीं।
चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सदन से गायब रहते हैं और हार के कारणों पर मीडिया के सामने आकर बात नहीं करते। चिराग ने कहा, “जब कोई जिम्मेदारी नहीं लेता है तो कार्यकर्ताओं में निराशा पैदा होती है। तेजस्वी यादव को पार्टी की हार का विश्लेषण करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अगर यही हाल रहा तो आरजेडी का नामोनिशान मिट जाएगा।”
इसके बाद चिराग ने यह भी कहा कि खरमास के बाद वह आभार यात्रा पर निकलेंगे, जो पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस यात्रा का उद्देश्य विधानसभा चुनाव की 19 सीटों और लोकसभा चुनाव 2024 की पांच सीटों पर अपनी पार्टी को जिताने के लिए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को धन्यवाद देना है। चिराग ने यह भी बताया कि पार्टी में बड़े बदलाव की योजना है, जो संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावों में सफलता की ओर इशारा करता है।
चिराग पासवान ने कहा, “एनडीए के पास कोई ऐसी स्थिति नहीं है कि वह विपक्ष के विधायकों को तोड़े, लेकिन यह सच है कि कई विपक्षी विधायकों ने हमसे संपर्क किया है।” उन्होंने अपनी पार्टी के टूटने का दर्द साझा करते हुए कहा कि वह कभी भी ऐसे हालात को बढ़ावा नहीं देंगे। साथ ही, उन्होंने कहा कि चुनाव हारने पर नेतृत्व को अपनी जिम्मेदारी स्वीकारनी चाहिए, जैसा कि उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद किया था।
आभार यात्रा के माध्यम से चिराग पासवान अपनी पार्टी की ताकत को फिर से मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, और इस यात्रा को पार्टी के आगामी चुनावी सफलता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।