
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव करीब एक महीने के बाद पटना लौटे हैं और उन्होंने नए साल में पहली बार मीडिया से बात की। इस दौरान तेजस्वी ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे और एक बड़ा ऐलान भी किया। तेजस्वी यादव ने पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र हार गया और मशीन तंत्र जीत गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में धन तंत्र और मशीन तंत्र ने जनतंत्र को पराजित किया और चुनाव में हुए धोखाधड़ी के खिलाफ कड़ी आलोचना की। तेजस्वी ने कहा कि सभी जानते हैं कि किस तरह से षड्यंत्र रचकर और छल से चुनाव जीते गए, और नई सरकार का गठन हुआ।
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के करीब सवा महीने बाद पटना लौटने के बाद तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार की नीतियों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे अगले 100 दिनों तक चुप रहेंगे और सरकार के फैसलों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। तेजस्वी ने कहा, “हम सकारात्मक राजनीति करते हैं, इस दौरान हम सरकार की नीतियों पर कोई बयान नहीं देंगे, लेकिन 100 दिनों बाद यह देखेंगे कि सरकार ने अपने वादों को कैसे पूरा किया।”
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को 2 लाख रुपये देने और 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को अब यह दिखाना होगा कि ये वादे धरातल पर उतरते हैं या नहीं। तेजस्वी ने चेतावनी देते हुए कहा, “सरकार का काम है कि जो घोषणापत्र जारी किया है, उसे लागू करें। अगर ये वादे पूरे नहीं होते तो हम सरकार से सवाल करेंगे।”
100 दिनों के बाद, तेजस्वी ने कहा, वह सरकार के निर्णयों और नीतियों का मूल्यांकन करेंगे और जनता को बताएंगे कि सरकार ने अपने वादों को कितनी हकीकत में बदला। तेजस्वी के इस ऐलान से साफ है कि वह अगले तीन महीने तक सरकार के खिलाफ किसी भी प्रकार का विरोध नहीं करेंगे, लेकिन 100 दिनों के बाद एक सशक्त और योजनाबद्ध विरोध की रणनीति तैयार करेंगे।
