
बिहार सरकार ने राज्य की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए एक अनोखी और आकर्षक योजना का ऐलान किया है। पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने शनिवार को यह जानकारी दी कि राज्य में ‘गड्ढा बताओ 5000 पाओ’ स्कीम शुरू की जाएगी, जिसके तहत आम नागरिक सड़कों पर गड्ढों की पहचान करके 5000 रुपये का इनाम पा सकेंगे। इस योजना के तहत राज्य की सड़कों पर गड्ढों की स्थिति में सुधार लाने के लिए एक नई पॉलिसी लागू की जाएगी, जो 15 फरवरी के बाद प्रभावी होगी।
क्या है योजना का उद्देश्य?
मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार की सड़कों की गुणवत्ता में सुधार करना है और साथ ही सड़कों पर गड्ढों की शिकायतों के प्रति नागरिकों को जिम्मेदार बनाना है। यदि कोई नागरिक सड़क पर गड्ढे की सही जानकारी देता है, तो उसकी शिकायत के सही पाए जाने पर उसे 5000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। यह योजना देश में पहली बार लागू की जा रही है और इसका उद्देश्य सड़कों पर गड्ढे जल्दी भरवाने के साथ-साथ नागरिकों को जागरूक और सक्रिय बनाना भी है।
आवश्यक कदम और कार्रवाई
इस योजना के तहत रोड एंबुलेंस भी तैनात की जाएंगी, जिनका एक विशेष हेल्पलाइन नंबर होगा। जैसे ही किसी नागरिक से गड्ढे की शिकायत मिलेगी, संबंधित एजेंसी को 72 घंटे के भीतर गड्ढा भरना अनिवार्य होगा। अगर तय समय में मरम्मत नहीं की जाती है, तो ठेकेदार और इंजीनियरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि गड्ढों को लेकर सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही हैं, खासकर बरसात के बाद कई सड़कों पर गड्ढे बन जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। इस नीति को लागू करने के बाद, सरकार का लक्ष्य है कि राज्यभर में कहीं भी सड़क पर गड्ढा न बचे।
पुणे और अन्य राज्यों से लिया गया आइडिया
मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि इस योजना को अंतिम रूप देने से पहले उन्होंने महाराष्ट्र के पुणे सहित कई प्रमुख राज्यों में सड़क रखरखाव की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया और वहां के सफल मॉडलों से प्रेरणा ली। इससे यह योजना तैयार की गई है, जो न सिर्फ सड़कों की स्थिति में सुधार लाएगी, बल्कि ठेकेदारों में जिम्मेदारी भी बढ़ाएगी।
नागरिकों में उत्साह
नए रोड मेंटेनेंस नीति और गड्ढा बताने पर इनाम मिलने की योजना की जानकारी मिलते ही आम लोग काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। यह योजना नागरिकों को सक्रिय रूप से सड़कों के रखरखाव में भागीदार बनाने के लिए एक कदम है, जिससे राज्य की सड़कों को जल्द ही बेहतर और सुरक्षित बनाया जा सके।

