
बिहार की राजधानी पटना में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार गिरते तापमान और सुबह-शाम छाए घने कोहरे के कारण बच्चों की सेहत को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। ठंड के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रशासन ने छात्रों को राहत देने के उद्देश्य से स्कूलों को लेकर अहम आदेश जारी किया है।
जिला दंडाधिकारी डॉ. थियागराजन एस.एम. ने भीषण ठंड को देखते हुए सख्त आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा मौसम छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसी के मद्देनज़र पटना जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और प्री-स्कूलों में कक्षा 8वीं तक की पढ़ाई 30 दिसंबर 2025 तक पूरी तरह स्थगित रहेगी। वहीं, कक्षा 9वीं और उससे ऊपर के छात्रों के लिए सीमित समय के साथ शिक्षण कार्य जारी रहेगा। इन कक्षाओं का संचालन सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक किया जाएगा। जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि स्कूल प्रबंधन ठंड से बचाव के सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करेंगे। दरअसल, आदेश में यह भी साफ किया गया है कि प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ी विशेष कक्षाएं व परीक्षाएं इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगी। यानी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को तय कार्यक्रम के अनुसार स्कूल बुलाया जा सकेगा।
गौरतलब है कि यह आदेश 27 दिसंबर 2025 से लागू हो चुका है और 30 दिसंबर 2025 तक पूरे पटना जिले में प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे आदेश के अनुरूप अपनी शैक्षणिक समय-सारिणी में आवश्यक बदलाव करें। प्रशासन के इस फैसले का अभिभावकों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि भीषण ठंड के इस दौर में छोटे बच्चों को घर पर रखना ज्यादा सुरक्षित है। वहीं, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी हालात की समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

