
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्मार्ट शहर परियोजना के तहत पटना में अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य तेज़ी से चल रहा है। 292 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना शहर के लगभग सभी इलाकों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बनाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने से लगभग 8 लाख बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा और बिजली चोरी, शॉर्ट सर्किट और ब्रेकडाउन जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
इस परियोजना के पहले चरण में बीरचंद पटेल मार्ग, स्टैंड रोड, सगुना मोड़, पाटलिपुत्र और बोरिंग रोड जैसे प्रमुख इलाकों में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम पूरा किया जा चुका है। पेसू (पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई यूनिट) के जीएम दिलीप सिंह ने बताया कि पहले चरण में करीब 35 किलोमीटर लंबाई तक केबलिंग का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही, पावर सब-स्टेशनों और आरएमयू (रिंग मेन यूनिट) का भी निर्माण किया जाएगा।
परियोजना की योजना के अनुसार, अगले कुछ सालों में पटना शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए मंत्रालय की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि वर्ष 2027 तक यह कार्य पूर्ण हो जाए। इसके लिए नगर विकास विभाग से अनुमति लेकर विभिन्न निजी एजेंसियों को कार्य सौंपा गया है।
अंडरग्राउंड केबलिंग के इस कार्य के तहत 61 कॉम्पैक्ट ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, डक्ट सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे बिजली आपूर्ति को सुचारू और सुरक्षित बनाया जाएगा। यह परियोजना न केवल बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार लाएगी, बल्कि पटना को स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद राजधानीवासियों को अब बिजली के बार-बार ब्रेकडाउन, शॉर्ट सर्किट और चोरी जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। सरकार के इस कदम से पटना में बिजली संकट की समस्या को खत्म करने में मदद मि