
राजधानी पटना से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कारकेड (काफिले) की चपेट में आने से एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घायल हो गए। घटना उस समय की है जब मुख्यमंत्री प्रकाश पर्व के अवसर पर मत्था टेकने पटना सिटी स्थित तख्त श्री हरमंदिर साहिब (गुरुद्वारा) पहुंचे थे। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण में तैनात एक डीएसपी (DSP) स्तर के अधिकारी को कारकेड में शामिल एक वाहन ने जोरदार धक्का मार दिया, जिससे वे सड़क पर धड़ाम से गिर पड़े।
मत्था टेकने पहुंचे थे सीएम, अचानक हुआ हादसा
दसवें पातिशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 359वें प्रकाश पर्व को लेकर पटना साहिब में भारी भीड़ उमड़ी हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को व्यवस्थाओं का जायजा लेने और मत्था टेकने पहुंचे थे। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। जब मुख्यमंत्री का काफिला गुरुद्वारा परिसर की ओर बढ़ रहा था, तभी सुरक्षा घेरे को संभाल रहे डीएसपी अचानक कारकेड में शामिल एक गाड़ी की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अधिकारी अपना संतुलन खो बैठे और जमीन पर गिर गए।
मौके पर मची अफरा-तफरी, साथी पुलिसकर्मियों ने संभाला
हादसा होते ही मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। साथी जवानों ने तुरंत घायल डीएसपी को उठाया और प्राथमिक उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पर ले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गनीमत रही कि गाड़ी की रफ्तार बहुत ज्यादा नहीं थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। बताया जा रहा है कि अधिकारी को शरीर के कुछ हिस्सों में चोटें आई हैं, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सुरक्षा प्रबंधन पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री जैसे VVIP के कार्यक्रम में इस तरह की चूक ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि इस हादसे के बावजूद मुख्यमंत्री का कार्यक्रम सुचारू रूप से चलता रहा, लेकिन भीड़ और गाड़ियों के बीच तालमेल की कमी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। गुरुद्वारे में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि काफिले के आगे बढ़ने के दौरान और बेहतर समन्वय (Coordination) की आवश्यकता थी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। फिलहाल घायल डीएसपी का इलाज जारी है। प्रशासन ने भरोसा दिया है कि आगामी बड़े आयोजनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और वाहनों के प्रबंधन को और अधिक सख्त बनाया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो।

