पटना कोर्ट में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केस, रामलीला मैदान में मोदी के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाने का आरोप
बिहार,रामलीला मैदान

दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित भड़काऊ नारे लगाए जाने के मामले में पटना सिविल कोर्ट में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और राजस्थान की महिला कांग्रेस अध्यक्ष मंजूलता मीणा को आरोपी बनाया गया है। इन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ भाषण दिए।
यह मामला उस समय सामने आया जब 14 दिसंबर को दिल्ली में कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली के दौरान मंच से नारे लगाए गए थे। नारे में कहा गया था, “मोदी तेरी कब्र खुदेगी, आज नहीं तो कल खुदेगी।” इस नारे के बाद वकील रवि भूषण वर्मा की ओर से पटना हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि इस नारे के जरिए प्रधानमंत्री मोदी को जान से मारने की धमकी दी गई और यह एक आपराधिक कृत्य है।
आरोप और कानूनी कार्रवाई
शिकायतकर्ता ने कहा कि रैली में मंच से ऐसे नारे लगाए गए जो न केवल भड़काऊ थे, बल्कि देश के लोकतांत्रिक प्रतिष्ठान के खिलाफ भी थे। इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 351(3), 352 और 3(5) के तहत आरोप लगाए गए हैं। वकील रवि भूषण वर्मा ने यह भी कहा कि कांग्रेस के किसी भी वरिष्ठ नेता ने इस भड़काऊ घटना पर खेद तक व्यक्त नहीं किया, जबकि यह कृत्य देश की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता था।
कांग्रेस नेताओं का रुख
कांग्रेस पार्टी ने फिलहाल इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन इस घटना के बाद से पार्टी के अंदर और बाहर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों द्वारा यह मुद्दा अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ एक और आरोप के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
अदालत में सुनवाई
यह मामला अब पटना सिविल कोर्ट में है और अदालत में सुनवाई मंगलवार को होगी। इस केस की सुनवाई के दौरान कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ सकते हैं और इस मामले के आगे बढ़ने के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो सकती है।

