टॉप न्यूज़बिहार

बिहार में ‘ऑपरेशन तीर’ की आहट: RJD के 18 विधायक पाला बदलने को तैयार! तेजस्वी की गैरमौजूदगी में राजद में बड़ी टूट का दावा

बिहार,राष्ट्रीय जनता दल (RJD)

बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर असंतोष का ज्वालामुखी फटने को तैयार है। राजनैतिक गलियारों में ‘ऑपरेशन तीर’ की चर्चाएं जोरों पर हैं। दावा किया जा रहा है कि तेजस्वी यादव की पार्टी के कम से कम 18 विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू (JDU) के संपर्क में हैं और जल्द ही लालटेन का साथ छोड़कर तीर थाम सकते हैं।

खरमास के बाद बड़े ‘धमाके’ की तैयारी
बिहार में इन दिनों ‘ऑपरेशन तीर’ को लेकर दावों और संशयों का दौर चल रहा है। जेडीयू सूत्रों का कहना है कि राजद के विधायकों का एक बड़ा गुट नेतृत्व से बेहद नाराज है।

• असंतोष का कारण: विधायकों की नाराजगी की मुख्य वजह तेजस्वी यादव का व्यवहार और उनके करीबी संजय यादव का पार्टी पर बढ़ता दबदबे बताया जा रहा है।

• वक्त का चुनाव: फिलहाल ‘खरमास’ (अशुभ समय) चल रहा है, इसलिए दावों के मुताबिक पाला बदलने की यह प्रक्रिया रुकी हुई है। नए साल के शुरुआती महीनों में बिहार की राजनीति में एक बड़ा धमाका होने के संकेत मिल रहे हैं।

जेडीयू और बीजेपी ने बोला हमला
जेडीयू प्रवक्ता मनीष यादव ने राजद की स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा, “राजद अब नेतृत्वविहीन पार्टी बन चुकी है। चुनाव हारते ही तेजस्वी यादव विदेश चले गए, जबकि उनके विधायक यहाँ हताश और निराश हैं। नेतृत्व की इसी कमी के कारण राजद में भगदड़ तय है।”

बीजेपी भी इस मुद्दे पर जेडीयू के सुर में सुर मिला रही है। बीजेपी विधायक इंजीनियर शैलेंद्र ने कहा कि नीतीश कुमार के विकास मॉडल से प्रभावित होकर विपक्ष के कई माननीय सदस्य एनडीए का हिस्सा बनना चाहते हैं।

परिवार और पार्टी के भीतर ‘दोहरी’ जंग
राजद की मुश्किलें सिर्फ पार्टी के भीतर ही नहीं, बल्कि लालू परिवार के अंदर भी बढ़ी हुई हैं। हाल ही में लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी के करीबियों पर गंभीर आरोप लगाकर परिवार के भीतर की कलह को सार्वजनिक कर दिया था। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिवार की अंदरूनी टकराहट और चुनाव में मिली हार ने विधायकों को सुरक्षित भविष्य की तलाश करने पर मजबूर कर दिया है।

विपक्ष का पलटवार
हालांकि, राजद ने इन दावों को एनडीए की ‘घबराहट’ और प्रोपेगेंडा करार दिया है। राजद नेताओं का कहना है कि उनके विधायक एकजुट हैं और एनडीए केवल अपनी विफलताएं छिपाने के लिए इस तरह की अफवाहें फैला रहा है। अब देखना यह है कि नए साल में ‘तीर’ वाकई राजद के कुनबे में सेंध लगा पाता है या नहीं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!