
बिहार में आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए एनडीए के भीतर रणनीति बननी शुरू हो गई है। अप्रैल में राज्यसभा की पांच सीटें खाली होनी हैं, और इन सीटों को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर मंथन तेज हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है, वहीं भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह का नाम भी चर्चा में है, जिन्हें राज्यसभा भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है।
राज्यसभा चुनाव के लिए इस बार बिहार की राजनीति में दिलचस्प समीकरण बन रहे हैं। एनडीए की रणनीति यह है कि महागठबंधन को एक भी सीट पर जीत हासिल न हो और सभी पांचों सीटों पर एनडीए के उम्मीदवार सफल हों। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार भी राज्यसभा चुनाव में तेजस्वी यादव को करारी मात मिल सकती है।
एनडीए के अंदर सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चाएं जारी हैं। उम्मीद की जा रही है कि जदयू के खाते में दो सीटें जा सकती हैं, जबकि भाजपा को भी दो सीटें मिल सकती हैं। एक सीट लोजपा (रामविलास) को दिए जाने की अटकलें हैं, लेकिन इसके लिए चिराग पासवान को अपने सहयोगी दलों को साधना होगा और एनडीए नेतृत्व की सहमति जरूरी होगी।
भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह का नाम भी राज्यसभा उम्मीदवारों की लिस्ट में शामिल किया जा रहा है। माना जा रहा है कि पवन सिंह को राज्यसभा भेजकर भाजपा पूर्वांचल, युवाओं और भोजपुरी भाषी वोटरों को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश करेगी।
राज्यसभा की पांच सीटें 9 अप्रैल 2026 को खाली हो रही हैं। इनमें RJD के प्रेम चंद गुप्ता, एडी सिंह, JDU के हरिवंश नारायण, रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।


