
कांग्रेस के बड़े नेता अजीत शर्मा की बेटी और अभिनेत्री नेहा शर्मा पर ED की बड़ी कार्रवाई हुई है। सट्टेबाजी एप प्रमोशन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नेहा की 1.26 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। यह कार्रवाई पीएमएलए (PMLA) के तहत जारी अंतरिम आदेश के बाद की गई है। एक्ट्रेस नेहा शर्मा ने भागलपुर से बॉलीवुड तक का सफर तय किया है। उन्होंने महेश भट्ट की फिल्म क्रूक से हिन्दी सिनेमा में प्रवेश किया।
दरअसल, ED के अनुसार, नेहा शर्मा पर अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी एप ‘1xbet’ का प्रचार करने और उससे प्राप्त राशि को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए हासिल करने का आरोप है। एजेंसी ने संदेह जताया है कि सोशल मीडिया और विज्ञापन के माध्यम से नेहा इस एप का प्रमोशन करती हैं और इसके एवज में मिली रकम को अलग-अलग माध्यमों से उन्होंने निवेश किया है। ED ने नेहा शर्मा को नवंबर महीने में समन जारी किया था। इसके बाद 2 दिसंबर को उन्हें दिल्ली स्थित ED कार्यालय में पेश होने के लिए बुलाया गया, जहां पीएमएलए के तहत उनके बयान दर्ज किए गए। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि प्रमोशन से मिलने वाली रकम कहां-कहां निवेश की गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। बता दें कि एक्ट्रेस की कुल संपत्ति लगभग 50 करोड़ रुपये आंकी जाती है। वहीं, मुंबई के साथ-साथ भागलपुर में भी उनके नाम पर जमीन है। फिल्मों और वेब सीरीज के अलावा उनकी आय का बड़ा हिस्सा ब्रांड एंडोर्समेंट, सोशल मीडिया प्रमोशन और फैशन ब्रांडिंग से आता है। कहा जाता है कि वह एक फिल्म के लिए करीब 1 करोड़ रुपये तक चार्ज करती हैं। उनका जन्म 21 नवंबर 1987 को बिहार के भागलपुर में हुआ था। हिंदी सिनेमा में उनका प्रवेश 2010 में महेश भट्ट की फिल्म क्रूक से हुआ। इसके बाद उन्होंने कई हिंदी और क्षेत्रीय फिल्मों के साथ-साथ वेब सीरीज में भी काम किया। हालांकि, बड़े स्तर पर उनकी पहचान अजय देवगन की फिल्म तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर (2020) से बनी, जिसमें वह छोटे लेकिन अहम किरदार में नजर आई थीं।
गौरतलब है कि नेहा की छोटी बहन आयशा शर्मा भी मॉडल और अभिनेत्री हैं। आयशा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद मॉडलिंग और फिल्मों का रुख किया। नेता शर्मा के पिता अजीत शर्मा बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ और चर्चित नेताओं में गिने जाते हैं। वहीं, वह भागलपुर नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और शहरी विकास, शिक्षा व बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी सक्रियता रही है। जमीनी राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले अजीत शर्मा को पार्टी के परंपरागत वोट बैंक का अहम चेहरा माना जाता है।

