
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को पटना में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह मार्च सदाकत आश्रम स्थित कांग्रेस दफ्तर से शुरू होकर बीजेपी दफ्तर तक जाने वाला था, लेकिन आयकर गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया।
नेशनल हेराल्ड केस को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेताओं को साजिशन फंसाने का आरोप लगाया। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर-पोस्टर थे और उन्होंने बीजेपी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए पुतला दहन भी किया। दरअसल, इस दौरान बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को जानबूझकर झूठे मामलों में उलझाने की कोशिश की गई है। उन्होंने अदालत के फैसले को बीजेपी के लिए करारा झटका बताते हुए कहा कि इससे साफ हो गया है कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। वहीं, राजेश राम ने आगे कहा कि दिल्ली की एक अदालत ने नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत अन्य पांच लोगों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने यह कहते हुए ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया कि एजेंसी की जांच एफआईआर के बजाय निजी शिकायत के आधार पर की गई थी।
राजेश राम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार इस तरह की कार्रवाई जारी रखती है तो कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी और बदले की राजनीति को उजागर करेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल केवल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए कर रही है, और यह बात जनता के सामने स्पष्ट हो चुकी है। उनका कहना था कि जानबूझकर कांग्रेस नेताओं को परेशान करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, बिहार कांग्रेस ने इस पूरे मुद्दे पर अपने एक्स पोस्ट के माध्यम से मांग की है कि ईडी और इनकम टैक्स का दुरुपयोग बंद किया जाए और लोकतंत्र का सम्मान किया जाए। पार्टी ने कहा कि नेशनल हेराल्ड केस पूरी तरह से फर्जी है और मोदी-शाह सरकार ने राजनीतिक प्रतिशोध के तहत यह केस खड़ा किया है।
