
एनडीए में सीटों के बटवारे पर आम सहमति घटक दलों के बीच बन गई है लेकिन कौन किस सीट से लडेगा इसको लेकर मंथन का दौर जारी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीट बटवारे के औपचारिक ऐलान से पहले दिल्ली में अपनी पार्टी के नेताओं की अहम् बैठक बुलाई है. इस बैठक में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अहम चर्चा होगी. जानकारी अनुसार 3 सितंबर को अमित शाह ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. बैठक में बिहार के दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा सहित सभी केंद्रीय मंत्री मौजूद रहेंगे. जानकारी अनुसार इस बैठक में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीतियों को अंतिम रुप दिया जाएगा.
दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी को अब अंतिम रुप दिया जा रहा है. सभी पार्टी चुनाव की तैयारी में जुटे हैं. सितंबर माह में विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान हो सकता है. ऐसे में सभी दलों में सीट बंटवारे और सीएम फेस को लेकर मंथन शुरु हो गया है. पक्ष विपक्ष उम्मीदवारों को तलाशने में जुटे हैं. इसी बीच अमित शाह ने बड़ी बैठक बुलाई है.बैठक में विधानसभा चुनाव से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. सीट बंटवारे, उम्मीदवारों का चयन, चुनाव की रणनीति और चुनाव जीतने का प्लान भी बनाया जाएगा. सभी दल के नेता बैठक में शामिल होंगे. बिहार के दोनों डिप्टी सीएम सहित सभी केंद्रीय मंत्री भी बैठक में शामिल होंगे. 3 सितंबर को यह अहम बैठक होगी अब देखना होगा की बैठक का क्या रिजल्ट सामने आता है.
चिराग पासवान की पार्टी का कहना है कि उन्हें कम से कम 40 सीटें चाहिए.लेकिन सूत्रों के अनुसार उन्हें 20 से ज्यादा सीटें नहीं मिल रही हैं.पिछले चुनाव में सीटों की संख्या को लेकर ही उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया था.लेकिन इसबार वो खुद सरकार में हैं .उनके लिए अकेले मैदान में उतरना संभव नहीं है.पिछले चुनाव में वो नतीजा देख चुके हैं.अकेले चुनाव लड़कर चुनाव हरा तो सकते हैं लेकिन जीत नहीं सकते.सीटें तो कम होगीं लेकिन चिराग पासवान की नहीं.mukesh शनी के आने पर हम पार्टी और upendra कुशवाहा की पार्टी के हिस्से की सीटें mukesh सहनी के खाते में जायेगीं.इसीलिए दोनों पार्टियों को 5 और 7 की जगह 10-10 सीटें देने का फैसला लिया गया है.अगर mukesh सहनी नहीं आये तो चिराग की दो सीट और बढ़ सकती है.चिराग को एक राज्य सभा की सीट भी मिल सकती है.एक राज्य सभा सीट मतलब 6 विधान सभा सीट .
आईपी gupta की बात दोनों gathbandhan के नेताओं से चल रही है.mukesh सहनी अगर NDA के साथ गये तो आईपी gupta महा-gathbandhan के साथ जा सकते हैं.आईपी gupta तभी NDA के साथ जायेगें जब उनके आरक्षण की मांग बीजेपी मान लेगी.वो बोल चुके हैं कि उनके समाज का आरक्षण वापस हुआ तो सीटों की संख्या मायने नहीं रखती.अगर आरक्षण की मांग नहीं मानी तो उन्हें भी कम से कम 10 सीटें चाहिए.