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विधानसभा में नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को कहा- ‘अरे तुम बच्चा है, बैठो’, विधायकों की खरीद-फरोख्त का भी लगाया गंभीर आरोप

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बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को सदन में उस समय अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर बुरी तरह भड़क गए। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हुई इस बहस में मुख्यमंत्री ने न केवल तेजस्वी यादव को ‘बच्चा’ बताया, बल्कि उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों को पैसे के दम पर तोड़ने की साजिश रचने का भी गंभीर आरोप लगाया।

‘अरे तुम बच्चा है, बैठो…’
सदन की कार्यवाही के दौरान जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे, तब विपक्ष की ओर से लगातार टोकाटोकी की जा रही थी। तेजस्वी यादव के हस्तक्षेप पर मुख्यमंत्री का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने आक्रामक अंदाज में तेजस्वी की ओर इशारा करते हुए कहा, “अरे तुम बच्चा है। तुम्हारा बाप (लालू यादव) मेरे समय का ना है। बैठो, बैठो… अरे उसकी शादी भी बाद में हुई थी। चलो बैठो, हल्ला मत करो।” मुख्यमंत्री के इस निजी और तीखे हमले से सदन में सन्नाटा पसर गया।

छह विधायकों को तोड़ने के लिए ‘पैसा’ देने का आरोप
नीतीश कुमार यहीं नहीं रुके, उन्होंने तेजस्वी यादव पर सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोप जड़ दिए। मुख्यमंत्री ने पूछा, “आपने छह आदमी (विधायक) को इधर-उधर करने के लिए कितना पैसा दिया था?” उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए विपक्ष ने गहरी साजिश रची थी और विधायकों को प्रलोभन दिया गया था। उन्होंने वर्ष 2015 के गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ही तेजस्वी को उपमुख्यमंत्री बनाया और काम सिखाया, लेकिन बाद में वे ‘इधर-उधर’ करने लगे।

मरीन ड्राइव और विदेश यात्रा पर तंज
बहस की शुरुआत तब हुई जब सीतामढ़ी के विधायक सुनील कुमार पिंटू ने सुशासन का जिक्र करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के विकास का ही नतीजा है कि लालू यादव आज पटना के मरीन ड्राइव पर सुकून से घूमते हैं और तेजस्वी यादव विदेश यात्राएं करते हैं। इस टिप्पणी पर राजद सदस्यों ने भारी हंगामा शुरू कर दिया।

विपक्ष के बढ़ते शोर-शराबे को देख मुख्यमंत्री खुद अपनी जगह से खड़े हो गए और विपक्ष को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह सुनना ही होगा कि बिहार में 2005 के बाद क्या बदलाव आए हैं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने स्थिति को संभालने के लिए सदस्यों को सख्त चेतावनी दी, लेकिन काफी देर तक सदन में तनातनी का माहौल बना रहा।

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