
बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को एक हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। बिहार एसटीएफ (STF) ने पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले देवा गुप्ता को पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। दिलचस्प बात यह है कि गिरफ्तारी से महज कुछ घंटे पहले ही देवा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी के साथ शादी की सालगिरह का एक भावुक संदेश पोस्ट किया था।
राधिका अपार्टमेंट में STF की छापेमारी
गुप्त सूचना के आधार पर बिहार एसटीएफ की टीम ने पटना के पाटलिपुत्र स्थित राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 301 में अचानक दबिश दी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहे देवा गुप्ता यहाँ छिपे हुए हैं। टीम ने घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में ले लिया। देवा गुप्ता की पत्नी प्रीति कुमारी मोतिहारी नगर निगम की मेयर हैं और यह परिवार राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय रहा है।
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‘मोस्ट वांटेड’ की सूची में नंबर 1 और 28 आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, देवा गुप्ता कोई साधारण नाम नहीं हैं। उन पर हत्या, लूट, रंगदारी और अवैध जमीन कब्जे जैसे गंभीर प्रकृति के कुल 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इनामी अपराधी: मोतिहारी पुलिस की ‘टॉप 100’ अपराधियों की सूची में उनका नाम सबसे ऊपर था।
इनाम की घोषणा: जिला पुलिस कप्तान (SP) ने उन पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
फरारी: दो विशिष्ट मामलों में वह लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहे थे।
कोर्ट से मिली राहत और गिरफ्तारी का पेच
करीब दो महीने पहले पटना हाईकोर्ट ने देवा गुप्ता की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़ी कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई थी। उनकी अग्रिम जमानत याचिका लंबित होने के कारण पुलिस सीधे तौर पर दंडात्मक कदम नहीं उठा पा रही थी। हालांकि, एसटीएफ की इस ताजा कार्रवाई के बाद अब कानूनी स्थिति पर बहस छिड़ गई है। मेयर प्रीति कुमारी ने इस गिरफ्तारी को ‘बेवजह’ करार देते हुए कहा है कि कई मामलों में पहले ही बेल (जमानत) और स्टे मिल चुका है।
राजनीतिक मायने और गरमाती सियासत
2022 में मेयर चुनाव के बाद से देवा गुप्ता का परिवार राजनीति में काफी प्रभावशाली हो गया है। राजद (RJD) ने 2025 के आगामी चुनावों को देखते हुए उन्हें चुनावी मैदान में भी उतारा था। तेजस्वी यादव के साथ उनकी निकटता जगजाहिर है, यही कारण है कि इस गिरफ्तारी के बाद विपक्ष सरकार पर ‘राजनीतिक द्वेष’ के आरोप लगा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे सुशासन और कानून का राज बता रहा है।
फिलहाल, एसटीएफ देवा गुप्ता से पूछताछ कर रही है और मोतिहारी पुलिस उन्हें रिमांड पर लेने की तैयारी में है। राज्य की राजनीति में इस गिरफ्तारी ने एक नया मोड़ ला दिया है।



