बिहार बोर्ड मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 आज से शुरू हो गई है, जिसमें राज्य भर से लाखों छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए कुल 1699 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिसमें दिलचस्प बात यह है कि छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। वहीं, पहली पाली सुबह 9:30 से दोपहर 12:45 तक और दूसरी पाली दोपहर 1:45 से शाम 5:00 तक। पहले दिन मुख्य रूप से भाषा विषयों (हिंदी, उर्दू, संस्कृत आदि) की परीक्षा हो रही है। परीक्षा की तैयारियों को लेकर BSEB ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जैसे मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूर्ण प्रतिबंध, छात्रों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पहुंचना, यूनिफॉर्म में आना आदि। हालांकि, परीक्षा के पहले दिन ही कुछ जगहों पर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
सीवान जिले में गंभीर लापरवाही का मामला;
सीवान जिले के दारौंदा प्रखंड स्थित गोरखनाथ आईटीआई कॉलेज को मैट्रिक परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां परीक्षा के दौरान एक बड़ा उल्लंघन सामने आया, जब केंद्र के अंदर से फेसबुक लाइव वीडियो वायरल हो गया। परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाना और उपयोग करना पूरी तरह प्रतिबंधित है, फिर भी यह वीडियो लाइव किया गया, जिससे गोपनीयता और सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन हुआ। दारौंदा एसडीएम अनिता सिन्हा ने इस मामले की प्रारंभिक जांच के बाद स्पष्ट किया कि वीडियो परीक्षा शुरू होने से पहले का है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह वीडियो किसी परीक्षार्थी ने नहीं बनाया, बल्कि आईटीआई कॉलेज के डायरेक्टर सुनील ने खुद बनाकर फेसबुक पर लाइव किया था। एसडीएम ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान गोपनीयता, नकल रोकथाम और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना केंद्र अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
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गौरतलब है कि इस उल्लंघन के चलते डायरेक्टर सुनील के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने जांच टीम गठित की है, जिसमें केंद्र के छात्रों, परीक्षा निरीक्षक और अन्य जिम्मेदार लोगों से पूछताछ की जा रही है। वीडियो वायरल होने के बाद BSEB और जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और परीक्षा की निष्पक्षता बनी रहे।

