
बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) पहुंचे। उन्होंने निर्माणाधीन पुनर्विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया और स्पष्ट निर्देश दिया कि दुनिया के इस विशाल अस्पताल परिसर का काम निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए।
रेडियोलॉजी से लेकर NICU तक का जायजा
निरीक्षण की शुरुआत मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित आपातकालीन भवन (फेज-1) से की। उन्होंने रेडियोलॉजी विभाग का जायजा लिया, जहाँ अधिकारियों ने उन्हें बताया कि अस्पताल में अब विश्वस्तरीय सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री पांचवें तल पर स्थित शिशु विभाग पहुंचे। यहाँ उन्होंने एनआईसीयू (NICU), नर्स स्टेशन और स्वच्छता मानकों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही या संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।
5462 बेड और आधुनिक सुविधाएं
पीएमसीएच के पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत इसे 5462 बेड की क्षमता वाले अस्पताल के रूप में विस्तार दिया जा रहा है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को नक्शे और चार्ट के माध्यम से बताया कि अस्पताल के अलग-अलग ब्लॉक्स का काम तेज गति से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अस्पताल केवल बेड बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यहाँ आने वाले गरीब मरीजों को ‘विश्वस्तरीय’ और ‘अत्याधुनिक’ चिकित्सा सुविधाएं ससमय मिलनी चाहिए।
चिकित्सकों और स्टाफ के आवास पर विशेष ध्यान
नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ मानव संसाधन की सुविधाओं पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, “यहाँ पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के लिए बेहतर आवासन (Accommodation) की व्यवस्था होनी चाहिए।” उन्होंने जेपी गंगा पथ पर विकसित किए जा रहे पार्क और अस्पताल परिसर के सौंदर्गीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया।
कड़े सुरक्षा और गुणवत्ता मानक
मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि निर्माण कार्य में तेजी लाने का मतलब गुणवत्ता से समझौता करना नहीं है। उन्होंने सुरक्षा मानकों और निर्माण की मजबूती को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। इस मौके पर उनके साथ प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
