
बिहार विधानसभा में मंगलवार को वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का ऐतिहासिक बजट पेश किया। 3,47,589 करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम बजट में नीतीश सरकार ने राज्य की परिवहन व्यवस्था का चेहरा बदलने का मास्टरप्लान सामने रखा है। बजट का सबसे बड़ा आकर्षण सड़क कनेक्टिविटी को लेकर किया गया ‘डबल धमाका’ है— जिसमें 5 नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण और प्रदेश की सभी सिंगल-लेन सड़कों को डबल-लेन में तब्दील करने का साहसी निर्णय लिया गया है।
एक्सप्रेस-वे से मिलेगी विकास को रफ्तार
वित्त मंत्री ने सदन में घोषणा की कि बिहार को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए 5 नए एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। ये एक्सप्रेस-वे न केवल बड़े शहरों के बीच की दूरी कम करेंगे, बल्कि औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में भी विकसित होंगे। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम बिहार के बीच यात्रा के समय को न्यूनतम किया जाए। इससे किसानों को अपनी उपज मंडियों तक ले जाने और नए निवेश को राज्य की ओर आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
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सिंगल लेन सड़कों की विदाई: हर रास्ता होगा चौड़ा
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए सरकार ने एक बड़ा “कनेक्टिविटी मास्टरप्लान” पेश किया है। अब राज्य की कोई भी सड़क संकरी नहीं रहेगी। बजट के अनुसार, बिहार की सभी सिंगल लेन सड़कों को चरणबद्ध तरीके से डबल लेन में अपग्रेड किया जाएगा। इससे न केवल ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि सुदूर प्रखंडों की जिला मुख्यालयों से पहुंच आसान हो जाएगी।
बजट की प्रमुख झलकियां और आर्थिक लक्ष्य
वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने मात्र 12 मिनट के अपने संक्षिप्त किंतु प्रभावी भाषण में बिहार के बढ़ते आर्थिक सामर्थ्य को रेखांकित करते हुए बताया कि इस वर्ष के बजट में पिछले साल की तुलना में 30,694.74 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की गई है। राज्य की प्रगति का प्रमाण देते हुए उन्होंने साझा किया कि वर्ष 2025-26 के लिए बिहार की आर्थिक वृद्धि दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी उत्साहजनक है। मंत्री जी ने ‘ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान’ के ‘पंच-सूत्र’ का नया मंत्र देते हुए बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने का संकल्प दोहराया। साथ ही, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश में बिछने वाला सड़कों का यह आधुनिक जाल न केवल अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा, बल्कि बुनियादी ढांचे पर किया गया यह भारी निवेश भविष्य में रोजगार के लाखों नए अवसर भी सृजित करेगा।
