
पटना के चर्चित NEET छात्रा रेप-हत्या मामले में CBI की जांच अब हॉस्टल संचालिका की संदिग्ध भूमिका पर टिक गई है। छात्रा की मामी द्वारा दिए गए हालिया बयान ने इस केस में नया मोड़ ला दिया है।
मामी का CBI के सामने बड़ा खुलासा;
जांच एजेंसी ने गुरुवार को गया में छात्रा की मामी से विस्तृत पूछताछ की। मामी उस समय अस्पताल में मौजूद थीं जब छात्रा अपनी आखिरी सांसें ले रही थी। मामी का आरोप है कि जब छात्रा प्रभात मेमोरियल अस्पताल में वेंटिलेटर पर थी, तब हॉस्टल संचालिका नीलम अग्रवाल वहां पहुंची। उसने छात्रा की मां को पैसों का लालच देते हुए कहा, “बेटी को तो बचा नहीं पाए, अब जो पैसा लेना है ले लीजिए।” इस संवेदनहीन टिप्पणी को सुनकर वहां मौजूद एक महिला सिपाही ने कथित तौर पर नीलम अग्रवाल को थप्पड़ मार दिया था। वहीं, परिवार का कहना है कि उन्होंने यह सारी जानकारी पटना पुलिस की SIT को दी थी, लेकिन पुलिस ने संचालिका से सख्ती से पूछताछ करने के बजाय सिर्फ ‘बॉन्ड’ भरवाकर उसे छोड़ दिया।
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जांच के लिए महत्वपूर्ण मांगें;
मामी ने CBI से आग्रह किया है कि मामले की तह तक जाने के लिए निम्नलिखित सबूतों की जांच की जाए। प्रभात मेमोरियल अस्पताल के कैमरों की गहनता से जांच हो, ताकि थप्पड़ मारने वाली घटना और संचालिका की मौजूदगी की पुष्टि हो सके। साथ ही परिवार ने सवाल उठाया है कि जब छात्रा जीवित थी, तब संचालिका ने उसकी मौत को ‘तय’ मानकर पैसों की बात क्यों शुरू की?
हालांकि, वर्तमान में CBI अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जिन्हें शुरुआती जांच में नजरअंदाज किया गया था। संचालिका द्वारा पैसे ऑफर करने की बात इस अंदेशे को पुख्ता करती है कि मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई थी।

