
बिहार में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी महाभियान के तहत पटना की स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने मुजफ्फरपुर में एक बड़ी सफलता हासिल की है। साहेबगंज नगर परिषद में तैनात जूनियर इंजीनियर (JE) अमन कुमार को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब इंजीनियर साहब एक विकास कार्य की तकनीकी मंजूरी के बदले ‘कमीशन’ की पहली किस्त वसूल रहे थे।
पेवर ब्लॉक योजना में अटकाया था ‘पेंच’
इस पूरी कार्रवाई की पटकथा साहेबगंज के वार्ड संख्या-12 के निवासी राजकुमार तिवारी की शिकायत पर लिखी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकुमार तिवारी के क्षेत्र में पेवर ब्लॉक लगाने की सरकारी योजना स्वीकृत हुई थी। आरोप है कि इस कार्य की तकनीकी स्वीकृति देने और फाइल को आगे बढ़ाने के बदले जूनियर इंजीनियर अमन कुमार द्वारा लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। इंजीनियर ने स्पष्ट कर दिया था कि बिना 25 हजार रुपये की ‘भेंट’ चढ़ाए काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।
निगरानी विभाग का जाल और ‘साहेब’ की गिरफ्तारी
परेशान होकर पीड़ित ने पटना स्थित निगरानी विभाग में अपनी आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस की टीम ने मामले का गुप्त सत्यापन किया, जिसमें आरोप पूरी तरह सही पाए गए। इसके बाद एक विशेष टीम मुजफ्फरपुर भेजी गई।
योजना के अनुसार, जैसे ही राजकुमार तिवारी रिश्वत की रकम लेकर साहेबगंज नगर परिषद कार्यालय के पास पहुंचे और पैसे अमन कुमार के हाथ में थमाए, सादे लिबास में पहले से मुस्तैद विजिलेंस के जवानों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से इंजीनियर को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पकड़े जाने के बाद जब उनके हाथों को धुलवाया गया, तो नोटों पर लगा केमिकल गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण बना।
कांड संख्या-07/2026 दर्ज, कानूनी प्रक्रिया शुरू
गिरफ्तारी के तुरंत बाद निगरानी की टीम आरोपी इंजीनियर को लेकर पटना रवाना हो गई। विभाग ने इस संबंध में कांड संख्या-07/2026 दर्ज की है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून (Prevention of Corruption Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को अमन कुमार को पटना स्थित विशेष निगरानी न्यायालय (Vigilance Court) में पेश किया जाएगा, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा सकता है।
इलाके में चर्चा और अधिकारियों में खौफ
इस कार्रवाई के बाद साहेबगंज नगर परिषद सहित जिले के अन्य सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि नगर निकायों में भ्रष्टाचार एक कैंसर की तरह फैल चुका है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों से न केवल ईमानदार लोगों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों के बीच यह कड़ा संदेश जाएगा कि कानून के हाथ लंबे होते हैं।

