
बिहार के मधेपुरा (उदाकिशुनगंज) में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक स्कूल प्रिंसिपल ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी ही 20 वर्षीय बेटी अलका की गला घोंटकर हत्या कर दी। वहीं, अलका के प्रेमी ने अपने ही नवजात बच्चे को थैले में भरकर पुल से नीचे फेंक दिया।
अलका और रिशु की दोस्ती 2024 में फेसबुक के जरिए हुई थी। जब अलका के पिता (अम्बेद भारती, हाई स्कूल प्रिंसिपल) को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने अलका को घर में कैद कर दिया। विरोध के बावजूद दोनों का मिलना जारी रहा और अलका गर्भवती हो गई। 13 फरवरी 2025 को अलका ने एक बच्ची को जन्म दिया। तबीयत बिगड़ने पर पिता और चाचा ने उसे बेहतर अस्पताल ले जाने के बहाने एंबुलेंस की जगह निजी वाहन में बिठाया और घर ले जाकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। वहीं, आरोपी पिता और चाचा शव को गुपचुप तरीके से जलाने के लिए भागलपुर ले जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रास्ते में ही शव बरामद कर लिया। अलका की मौत के बाद उसके प्रेमी रिशु ने नवजात बच्ची को एक थैले में भरा और एनएच-106 के पुल के नीचे फेंक दिया। पुलिस को बच्ची का शव अस्पताल से 15 किमी दूर मिला
कैसे खुला राज?
शुरुआत में पिता अम्बेद भारती ने पुलिस को गुमराह करने के लिए प्रेमी रिशु पर यौन शोषण का केस दर्ज कराया और खुद को अनजान बताया। लेकिन पुलिस की जांच और DNA टेस्ट ने पूरी कहानी पलट दी। मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स ने आरोपियों के झूठ को बेनकाब किया। फिर सबसे पहले प्रेमी रिशु पकड़ा गया, जिसने नवजात की हत्या की बात कबूली और अलका की हत्या में उसके पिता-चाचा का नाम लिया। कड़ाई से पूछताछ के बाद पिता और चाचा ने भी अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
मुख्य आरोपी;
हालांकि, पुलिस ने इस मामले में मृतका का पिता (मुख्य साजिशकर्ता), चाचा और प्रेमी (नवजात का हत्यारा) को गिरफ्तार किया है। बता दें कि पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी और मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है और तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।