
बिहार में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के उद्देश्य से व्यापक प्रशिक्षण अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी “पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान” के जरिए अपनी विचारधारा, कार्यशैली और संगठनात्मक रणनीति को अंतिम पायदान के कार्यकर्ता तक पहुंचाना चाहती है। हाल ही में वाराणसी में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में बिहार समेत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के नेताओं ने भाग लिया और अपने-अपने राज्यों में इसी मॉडल पर कार्यक्रम चलाने का संकल्प लिया।
इस अभियान का नाम जनसंघ के प्रमुख विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखा गया है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान पार्टी के इतिहास, वैचारिक विकास और संगठन विस्तार पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि कैसे सीमित संसदीय उपस्थिति से आगे बढ़कर पार्टी राष्ट्रीय राजनीति की प्रमुख शक्ति बनी। इस अनुभव को कार्यकर्ताओं तक पहुंचाकर संगठन को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
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बिहार से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 60 नेताओं और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें विधायक, पूर्व विधायक और संगठन के प्रमुख कार्यकर्ता शामिल रहे। कार्यक्रम में यह तय किया गया कि प्रशिक्षण की श्रृंखला प्रदेश, जिला, मंडल और बूथ स्तर तक चलाई जाएगी ताकि पार्टी की रणनीति और विचारधारा सीधे जमीनी कार्यकर्ताओं तक पहुंचे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बिहार में यह अभियान मार्च के पहले सप्ताह से मध्य अप्रैल तक चरणबद्ध तरीके से चलेगा। प्रशिक्षण के लिए जिन विषयों को चुना गया है, उनमें संगठन का इतिहास, वैचारिक आधार, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, कार्यकर्ता विकास, सामाजिक-राजनीतिक विस्तार, और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी शामिल है। उद्देश्य यह है कि कार्यकर्ता इन विषयों को समझकर जनता के बीच प्रभावी संवाद स्थापित कर सकें।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस अभियान के जरिए भाजपा आगामी चुनावी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक मजबूती पर फोकस कर रही है। पार्टी नेतृत्व का विश्वास है कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही जमीनी स्तर पर पार्टी की पहचान और पहुंच को और सशक्त बनाएंगे। इस पहल को भाजपा की दीर्घकालिक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।