
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक महीने के अंतराल के बाद राजनीति में सक्रिय होते नजर आ रहे हैं। वे अपनी विदेश यात्रा समाप्त कर जल्द ही भारत लौट रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव 4 जनवरी को दिल्ली पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इसके बाद वे अपने पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से भी मुलाकात कर सकते हैं, जो फिलहाल दिल्ली में हैं।
पटना लौटने की तारीख
दिल्ली में एक-दो दिन रुकने के बाद तेजस्वी यादव 5 या 6 जनवरी को पटना लौटने की संभावना है। हालांकि, राजद की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। तेजस्वी की यह वापसी बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है, क्योंकि वे हाल के महीनों में सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर थे।
लालू यादव से मुलाकात
दिल्ली में तेजस्वी यादव अपने पिता लालू प्रसाद यादव से मुलाकात कर सकते हैं। लालू यादव पिछले महीने अपनी आंखों के ऑपरेशन के बाद दिल्ली में ही इलाज करा रहे हैं। तेजस्वी का यह दौरा परिवार के साथ बिताए गए समय के बाद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की हार के बाद सार्वजनिक रूप से अधिक भागीदारी नहीं की थी। वे दिसंबर में राज्यसभा सत्र में उपस्थित थे, लेकिन 3 दिसंबर को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सदन में नहीं दिखे थे।
विदेश यात्रा और राजनीति में वापसी
तेजस्वी यादव और उनके परिवार के विदेश दौरे की चर्चाएं पिछले कुछ समय से चल रही थीं। राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने भी यह दावा किया था कि तेजस्वी यूरोप टूर पर गए थे। हालांकि, पार्टी के अन्य नेता इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रहे थे। अब जबकि वे राजनीति में वापसी कर रहे हैं, तेजस्वी ने सोशल मीडिया पर बीजेपी नेताओं पर हमला बोलते हुए एक बड़े विवाद को हवा दी है। बीजेपी के एक नेता द्वारा बिहार की महिलाओं के खिलाफ की गई टिप्पणी पर तेजस्वी ने तीखा विरोध जताया।
बीजेपी द्वारा तेजस्वी की ‘लापता’ स्थिति पर पोस्टर जारी
बीजेपी ने तेजस्वी यादव को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्टर भी जारी किया था, जिसमें उन्हें लापता बताया गया था। पोस्टर में तेजस्वी यादव का नाम, उम्र, और उनकी पहचान ‘चारा घोटाले के दोषी लालू यादव के छोटे पुत्र’ के तौर पर दी गई थी। इसके बाद बीजेपी ने पोस्टर में यह कविता भी लिखी थी, “चिठ्ठी ना कोई संदेश, ना जाने कौन सा देश, कहां तुम चले गए।” अब जब तेजस्वी राजनीति में वापसी कर रहे हैं, तो यह माना जा रहा है कि वे बिहार में अपनी सक्रिय भूमिका फिर से निभा सकते हैं।


