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तेज प्रताप के घर पहुंचे लालू यादव, ‘दही-चूड़ा भोज’ में साथ दिखे पिता-पुत्र; राज्यपाल भी हुए शामिल

बिहार,दही-चूड़ा भोज’

बिहार की राजनीति के सबसे बड़े घटनाक्रम में आज एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने कयासों के बाजार को शांत कर दिया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव बुधवार को अपने बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव के पटना स्थित आवास पर आयोजित पारंपरिक ‘दही-चूड़ा भोज’ में शामिल हुए। परिवार और पार्टी से निष्कासन के बाद यह पहला मौका था जब लालू यादव अपने बड़े बेटे के नए घर पहुंचे, जिसे पिता-पुत्र के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

भोज में जुटे दिग्गज: राज्यपाल और मामा भी पहुंचे
मकर संक्रांति के इस विशेष आयोजन में न केवल पारिवारिक मिलन दिखा, बल्कि राजनीतिक गरिमा भी नजर आई। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी तेज प्रताप के निमंत्रण पर उनके आवास पहुंचे और भोज का आनंद लिया। इसके अलावा, एक लंबे अंतराल के बाद तेज प्रताप के मामा साधु यादव और प्रभुनाथ यादव भी इस आयोजन का हिस्सा बने। हालांकि, समय के फेर के कारण जब तक साधु यादव पहुंचे, लालू यादव वहां से प्रस्थान कर चुके थे, लेकिन उनकी मौजूदगी ने पारिवारिक सुलह की खबरों को पुख्ता कर दिया है।

कड़वाहट के बाद फिर बढ़ी नजदीकियां
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से लालू यादव और तेज प्रताप के बीच रिश्ते बेहद तनावपूर्ण थे। एक सोशल मीडिया विवाद के बाद लालू यादव ने तेज प्रताप को ‘गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार’ के चलते राजद से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। इसके बाद तेज प्रताप ने अपनी अलग पार्टी (JJD) बनाकर 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन हाल ही में तेज प्रताप द्वारा माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लेने और भतीजी कात्यायनी के साथ समय बिताने की तस्वीरों ने इस ‘महामिलन’ की पटकथा लिख दी थी।

क्या फिर एक होगा लालू परिवार?
भोज के दौरान तेज प्रताप अपने पिता लालू यादव के ठीक बगल में बैठे नजर आए। राजनीति के जानकारों का मानना है कि लालू यादव का खुद चलकर बेटे के घर जाना इस बात का प्रमाण है कि चुनावी हार और पारिवारिक कलह के बाद अब परिवार फिर से एकजुट हो रहा है। तेज प्रताप ने इसे एक ‘ऐतिहासिक भोज’ बताया था और पिता की उपस्थिति ने इसे वाकई यादगार बना दिया।

अब बिहार की सियासत में सवाल यह है कि क्या इस व्यक्तिगत सुलह के बाद तेज प्रताप की आरजेडी में वापसी होगी या वे अपनी अलग राजनीतिक राह पर चलते हुए परिवार का समर्थन प्राप्त करेंगे?

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