
बिहार में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर अटकलों का सिलसिला अब थम चुका है। पंचायती राज मंत्री दीपक कुमार ने सोमवार को गोपालगंज पहुंचकर पंचायत चुनाव को लेकर मीडिया से बातचीत की और कई अहम खुलासे किए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायतों के परिसीमन (सीमाओं में बदलाव) का कोई प्रस्ताव नहीं है और चुनाव जनसंख्या के आधार पर ही होंगे।
मंत्री दीपक कुमार ने यहां एक प्रशासनिक बैठक के दौरान पंचायत सरकार भवन, मुख्यमंत्री नल-जल योजना, स्वच्छता अभियान और पंचायतों की वित्तीय स्थिति पर भी समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर चल रही विकास योजनाओं की गति में कोई भी शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका स्पष्ट संदेश था कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पंचायती राज की योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।
मंत्री ने पंचायत चुनाव पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा, “आगामी पंचायत चुनाव में पंचायतों के परिसीमन का कोई विचार नहीं किया गया है। चुनाव जनसंख्या के आधार पर ही होंगे।” इस बयान के बाद यह साफ हो गया कि पंचायतों की संरचना में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि, आरक्षण रोस्टर में बदलाव की संभावना जताई गई है। दीपक कुमार ने कहा, “आरक्षण के रोस्टर में कुछ बदलाव हो सकते हैं, जो सरकार के विचाराधीन हैं। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।”
इस बयान से उन उम्मीदवारों को राहत मिली है जो आरक्षण की स्थिति को लेकर चिंतित थे। मंत्री ने यह भी कहा कि आरक्षण रोस्टर में बदलाव की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
इसके अलावा, मंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू की जा रही है और राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जनता को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया और कहा कि सुशासन की सरकार में आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं, विशेषकर आरक्षण रोस्टर में बदलाव को लेकर अंतिम फैसला कब लिया जाएगा।
