
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के वृद्धजनों को बड़ी राहत देते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अब 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सरकार की इस नई पहल का उद्देश्य ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ (Ease of Living) के संकल्प को धरातल पर उतारना है।
मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट पहुंचेगी आपके द्वार
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी दी कि वृद्धजनों की शारीरिक कठिनाइयों को देखते हुए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा ‘चलंत निबंधन इकाई’ (Mobile Registration Unit) की व्यवस्था की जा रही है। इस सुविधा के तहत बुजुर्ग नागरिक घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, जिसके बाद विभाग की टीम उनके घर जाकर निबंधन की प्रक्रिया पूरी करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस पूरी प्रक्रिया को अधिकतम 7 कार्य दिवसों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।
जमीन के विवादों पर लगाम: रजिस्ट्री से पहले मिलेगी पूरी जानकारी
जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाली धोखाधड़ी और विवादों को खत्म करने के लिए भी एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब रजिस्ट्री से पहले ही खरीदार और विक्रेता को भूमि की अद्यतन स्थिति (Current Status) की जानकारी दी जाएगी। निबंधन विभाग सीधे अंचल कार्यालय (CO Office) से समन्वय कर भूमि का ब्यौरा प्राप्त करेगा और आवेदक को उपलब्ध कराएगा। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आम लोगों को फर्जीवाड़े से भी सुरक्षा मिलेगी।
1 अप्रैल 2026 से लागू होगी नई व्यवस्था
राज्य सरकार ने इन सभी सेवाओं को 1 अप्रैल 2026 से पूरी तरह प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने इस व्यवस्था को और अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए 19 जनवरी 2026 तक नागरिकों से सुझाव भी मांगे हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि 2025 में नई सरकार के गठन के बाद हमारा लक्ष्य बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाना है, और यह डिजिटल एवं सुलभ प्रशासन की ओर एक मजबूत कदम है।
