
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी समृद्धि यात्रा के तहत शुक्रवार को मुजफ्फरपुर में ऐतिहासिक एलान किया। उन्होंने जिले को 853 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी, जिसमें 172 योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और कार्यारंभ शामिल था। मुख्यमंत्री के इस दौरे को विकास के एजेंडे को धरातल पर उतारने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीरोमाइल स्थित बाजार समिति परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में समृद्धि यात्रा का मुख्य आयोजन किया। दो घंटे के इस दौरे में मुख्यमंत्री ने 212 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हो चुकी 47 योजनाओं को जनता को समर्पित किया। वहीं, 194 करोड़ रुपये की 89 योजनाओं की आधारशिला रखी गई और 447 करोड़ रुपये की लागत वाली 36 योजनाओं का कार्यारंभ भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का ध्यान सिर्फ घोषणाओं पर नहीं बल्कि कामों पर है। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति का भी ब्योरा लिया और विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। बखरी चौक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने फोर लेन सड़क और चंदवारा पुल के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। एनएचएआई ने भी इस दौरान प्रमुख परियोजनाओं के बारे में अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरपुर ईस्ट बाइपास और रामदयालु जंक्शन के समग्र विकास की योजनाओं की घोषणा की। रामदयालु जंक्शन पर सर्कुलर रोड और तीन एलिवेटेड सड़कें बनाने की योजना है, जो शहर की ट्रैफिक समस्या को हल करने में मददगार साबित होंगी।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और उनके कार्यों की सराहना की। बाजार समिति परिसर में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में उन्होंने 71 करोड़ रुपये की लागत से बने प्रशासनिक भवन और 283 नई दुकानों का उद्घाटन भी किया। साथ ही, नीतीश कुमार ने एलान किया कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी दी जाएगी, जिसके लिए कौशल विकास विभाग का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार हर वादा समय पर पूरा करेगी, और यही इस यात्रा का असल मकसद है।