
बिहार के राजस्व विभाग में वर्षों से जारी लापरवाही और मनमानी पर लगाम कसने के लिए जमुई जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। जिला पदाधिकारी श्री नवीन के निर्देश पर जिले में पहली बार तीन राजस्व कर्मचारियों की वेतन वृद्धि (Increment) पर रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, विभाग ने उनके करियर पर स्थायी दाग लगाते हुए उनकी सेवा पुस्तिका (Service Book) में ‘लाल स्याही’ यानी प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज कर दी है। इस सख्त एक्शन के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है।
इन तीन कर्मचारियों पर गिरी गाज
जांच में दोषी पाए गए तीन कर्मचारियों के खिलाफ विशिष्ट आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई है:
पंकज कुमार सिंह (बरहट अंचल): इन पर गिद्धौर अंचल में तैनाती के दौरान सरकारी रिकॉर्ड (पंजी-2) में हेराफेरी कर गैरमजरुआ जमीन में अतिरिक्त रकबा जोड़ने और अवैध रसीद काटने का गंभीर आरोप है। इनकी तीन वेतन वृद्धि रोकी गई हैं।
निरंजन कुमार सिंह (खैरा अंचल): इन्होंने लक्ष्मीपुर अंचल में पदस्थापन के दौरान कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद नियमों के विरुद्ध जाकर दाखिल-खारिज (Mutation) की अनुशंसा की। इनकी दो वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है।
आदेश कुमार सिंह (अलीगंज अंचल): इन पर प्रभार सौंपने में मनमानी, ड्यूटी से गायब रहने और हाजिरी रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप है। अनुशासनहीनता के कारण इनकी भी वेतन वृद्धि रोक दी गई है।
लापरवाही पर ‘लाल स्याही’ का संदेश
आमतौर पर राजस्व मामलों में पुलिस या विभाग केवल कारण बताओ नोटिस देकर खानापूर्ति करता है, लेकिन डीएम श्री नवीन की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि अब भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा ने संकेत दिया है कि अभी आधा दर्जन अन्य कर्मचारी भी रडार पर हैं, जिनकी फाइलों की जांच की जा रही है।
पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम
राजस्व कार्यों में जमीनी विवाद और दाखिल-खारिज में होने वाली धांधली से आम जनता परेशान रहती है। प्रशासन की इस सख्ती से न केवल बिचौलियों और भ्रष्ट कर्मियों पर लगाम लगेगी, बल्कि आम लोगों का भरोसा भी सिस्टम पर बहाल होगा। अधिकारियों का मानना है कि सर्विस बुक में लाल स्याही दर्ज होने से इन कर्मियों की भविष्य में प