टॉप न्यूज़बिहार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के वृद्धजनों, दिव्यांगों और विधवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे लाखों लाभार्थियों को बड़ी राहत मिली है। अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत यदि किसी कारण से जीवन प्रमाणीकरण (लाइफ सर्टिफिकेट या e-KYC) नहीं हो पाया है, तो भी उनकी मासिक पेंशन नहीं रोकी जाएगी। समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने बुधवार को पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी खामी या किसी अन्य वजह से प्रमाणीकरण में चूक होने पर भी किसी पात्र व्यक्ति की पेंशन बंद नहीं होगी। जो लाभार्थी खुद कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं करा पाते, उनके लिए घर पर ही सत्यापन की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, पंचायत और प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे ताकि सभी को आसानी से यह प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिले। वहीं, मंत्री ने बताया कि पिछले साल जून में पेंशन राशि बढ़ाकर 1100 रुपये मासिक करने के बाद राज्य में लगभग 6 लाख नए पेंशनधारक जुड़े हैं। सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मौके पर समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयशी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। लाभार्थी अपने नजदीकी CSC केंद्र पर आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य आवश्यक दस्तावेज लेकर बायोमेट्रिक सत्यापन आसानी से करा सकते हैं। वर्तमान में बिहार में वृद्धावस्था, दिव्यांगता और विधवा पेंशन के तहत हर महीने 1100 रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में DBT के जरिए ट्रांसफर किए जा रहे हैं। यह राशि पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले ढाई गुना से अधिक बढ़ाई गई थी। ग1ौरतलब है कि इस योजना के तहत हर साल जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य होता है और समय-सीमा (जैसे 31 जनवरी) तक न होने पर पेंशन रोकने का प्रावधान है। बड़ी संख्या में लोग इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पा रहे थे, जिससे पेंशन रुकने की चिंता थी। लेकिन नीतीश सरकार के इस नए फैसले से अब सभी लाभार्थियों को बड़ी सुविधा और मानसिक शांति मिल गई है।

बिहार,नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के वृद्धजनों, दिव्यांगों और विधवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे लाखों लाभार्थियों को बड़ी राहत मिली है। अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत यदि किसी कारण से जीवन प्रमाणीकरण (लाइफ सर्टिफिकेट या e-KYC) नहीं हो पाया है, तो भी उनकी मासिक पेंशन नहीं रोकी जाएगी।

समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने बुधवार को पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी खामी या किसी अन्य वजह से प्रमाणीकरण में चूक होने पर भी किसी पात्र व्यक्ति की पेंशन बंद नहीं होगी। जो लाभार्थी खुद कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं करा पाते, उनके लिए घर पर ही सत्यापन की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, पंचायत और प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे ताकि सभी को आसानी से यह प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिले। वहीं, मंत्री ने बताया कि पिछले साल जून में पेंशन राशि बढ़ाकर 1100 रुपये मासिक करने के बाद राज्य में लगभग 6 लाख नए पेंशनधारक जुड़े हैं। सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मौके पर समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयशी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

लाभार्थी अपने नजदीकी CSC केंद्र पर आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य आवश्यक दस्तावेज लेकर बायोमेट्रिक सत्यापन आसानी से करा सकते हैं। वर्तमान में बिहार में वृद्धावस्था, दिव्यांगता और विधवा पेंशन के तहत हर महीने 1100 रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में DBT के जरिए ट्रांसफर किए जा रहे हैं। यह राशि पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले ढाई गुना से अधिक बढ़ाई गई थी। ग1ौरतलब है कि इस योजना के तहत हर साल जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य होता है और समय-सीमा (जैसे 31 जनवरी) तक न होने पर पेंशन रोकने का प्रावधान है। बड़ी संख्या में लोग इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पा रहे थे, जिससे पेंशन रुकने की चिंता थी। लेकिन नीतीश सरकार के इस नए फैसले से अब सभी लाभार्थियों को बड़ी सुविधा और मानसिक शांति मिल गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!