
बिहार के विभिन्न न्यायालयों को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस ने आरा सिविल कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। धमकी की सूचना मिलने के बाद भोजपुर जिला प्रशासन ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा को पहले से कहीं अधिक मजबूत कर दिया है, और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
आरा सिविल कोर्ट में बढ़ाई गई सुरक्षा
पटना, किशनगंज और गया सहित बिहार के अन्य न्यायालयों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस सूचना के बाद आरा सिविल कोर्ट में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने कहा कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है। कोर्ट परिसर में हर आने-जाने वाले व्यक्ति की कड़ी जांच की जा रही है, ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
अधिवक्ताओं का गुस्सा, सरकार से विश्वास
इस धमकी पर आरा सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता शशि सक्सेना ने कड़ा रुख अपनाया और बिहार सरकार पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की सरकार के तहत अपराधियों का बचना नामुमकिन है। उन्होंने धमकी देने वाले तत्वों को चेतावनी दी और कहा कि उनका समय अब खत्म हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अपराधी या असामाजिक तत्व बिहार छोड़कर भागने पर मजबूर होंगे।
कड़ी कार्रवाई की मांग
अधिवक्ताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि धमकी देने वालों की पहचान करके उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। शशि सक्सेना ने कहा कि कार्रवाई इतनी सख्त होनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति न्यायालयों को धमकी देने की हिम्मत न कर सके। वे चाहते हैं कि बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाए ताकि न्याय के मंदिरों को अपमानित करने वाले अपराधियों को सबक सिखाया जा सके।