
भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक ढांचे में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। आगामी 19 और 20 जनवरी को दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया पूरी होगी। सूत्रों की मानें तो बिहार सरकार के मंत्री और वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। यदि ऐसा होता है, तो वे बीजेपी के इतिहास में इस पद को संभालने वाले सबसे युवा नेता होंगे।
नामांकन और प्रस्तावक: दिग्गज देंगे समर्थन
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 19 जनवरी को नामांकन की प्रक्रिया होगी और 20 जनवरी को परिणाम घोषित किए जाएंगे। नितिन नबीन की उम्मीदवारी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके नाम के प्रस्तावक स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे 10 वरिष्ठ नेता होंगे। बीजेपी के संविधान के अनुसार, 37 में से 29 राज्यों में सांगठनिक चुनाव पूरे हो चुके हैं, और इन राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों का समर्थन भी नबीन के साथ है।
बांकीपुर से दिल्ली का सफर: कौन हैं नितिन नबीन?
45 वर्षीय नितिन नबीन बीजेपी के दिवंगत दिग्गज नेता नवीन किशोर सिन्हा के पुत्र हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा बेहद प्रभावशाली रही है। वे पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार (2006, 2010, 2015, 2020 और 2025) विधायक चुने गए हैं। बिहार सरकार में मंत्री के रूप में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवा चुके नबीन को 15 दिसंबर 2025 को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। अब उन्हें पूर्णकालिक जिम्मेदारी सौंपी जा रही है, जिसका कार्यकाल जनवरी 2029 तक होगा।
मिशन 2029 की जिम्मेदारी
नितिन नबीन की ताजपोशी कई मायनों में महत्वपूर्ण है। 2029 में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़े जाएंगे। बीजेपी के संविधान की धारा-19 के तहत बनने वाले इलेक्टोरल कॉलेज ने उनके नाम पर अनौपचारिक सहमति दे दी है। जेपी नड्डा के बाद अब पार्टी की कमान एक ऐसे युवा चेहरे को सौंपी जा रही है जो हिंदी पट्टी के साथ-साथ युवाओं और सांगठनिक कार्यकर्ताओं के बीच गहरी पैठ रखता है।




