
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। पटना जिले के मसौढ़ी अंचल में तैनात एक भ्रष्ट राजस्व कर्मचारी राजा कुमार को निगरानी की टीम ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचते ही परिमार्जन (जमीन सुधार) के एवज में घूस की रकम ले रहा था।
परिमार्जन के नाम पर मांगी थी मोटी रकम
पूरा मामला लगभग 11 एकड़ जमीन के परिमार्जन से जुड़ा है। आरोपित राजस्व कर्मचारी राजा कुमार, जो मसौढ़ी अंचल के भदौरा मौजा में तैनात थे, पीड़ित को पिछले कई महीनों से दफ्तर के चक्कर कटवा रहे थे। जानकारी के अनुसार, जमीन संबंधी सुधार के इस कार्य के लिए पहले 2.5 लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन काफी बातचीत के बाद मामला 2 लाख रुपये पर तय हुआ। मंगलवार को पीड़ित रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये देने पहुंचा था।
निगरानी की जाल में ऐसे फंसा घूसखोर
निगरानी विभाग के डीएसपी वसीम फिरोज ने बताया कि पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। मंगलवार सुबह जैसे ही राजा कुमार ने कार्यालय में रिश्वत की रकम पकड़ी, पहले से तैनात निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। इस टीम में डीएसपी के साथ तीन इंस्पेक्टर और भारी पुलिस बल मौजूद था।
अधिकारियों में हड़कंप, मंत्री की सख्ती बेअसर?
दिलचस्प बात यह है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार विभाग में सुधार और भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त तेवर अपनाए हुए हैं। मंत्री की चेतावनी के बावजूद निचले स्तर के कर्मचारियों में कानून का खौफ नहीं दिख रहा है।
इस गिरफ्तारी के बाद मसौढ़ी प्रखंड और अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया है। कई कर्मचारी और बिचौलिए कार्यालय छोड़कर फरार हो गए। निगरानी की टीम गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी को अपने साथ पटना मुख्यालय ले आई है, जहां उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। पटना जिले के मसौढ़ी अंचल में तैनात एक भ्रष्ट राजस्व कर्मचारी राजा कुमार को निगरानी की टीम ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचते ही परिमार्जन (जमीन सुधार) के एवज में घूस की रकम ले रहा था।
परिमार्जन के नाम पर मांगी थी मोटी रकम
पूरा मामला लगभग 11 एकड़ जमीन के परिमार्जन से जुड़ा है। आरोपित राजस्व कर्मचारी राजा कुमार, जो मसौढ़ी अंचल के भदौरा मौजा में तैनात थे, पीड़ित को पिछले कई महीनों से दफ्तर के चक्कर कटवा रहे थे। जानकारी के अनुसार, जमीन संबंधी सुधार के इस कार्य के लिए पहले 2.5 लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन काफी बातचीत के बाद मामला 2 लाख रुपये पर तय हुआ। मंगलवार को पीड़ित रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये देने पहुंचा था।
निगरानी की जाल में ऐसे फंसा घूसखोर
निगरानी विभाग के डीएसपी वसीम फिरोज ने बताया कि पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। मंगलवार सुबह जैसे ही राजा कुमार ने कार्यालय में रिश्वत की रकम पकड़ी, पहले से तैनात निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। इस टीम में डीएसपी के साथ तीन इंस्पेक्टर और भारी पुलिस बल मौजूद था।
अधिकारियों में हड़कंप, मंत्री की सख्ती बेअसर?
दिलचस्प बात यह है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार विभाग में सुधार और भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त तेवर अपनाए हुए हैं। मंत्री की चेतावनी के बावजूद निचले स्तर के कर्मचारियों में कानून का खौफ नहीं दिख रहा है।
इस गिरफ्तारी के बाद मसौढ़ी प्रखंड और अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया है। कई कर्मचारी और बिचौलिए कार्यालय छोड़कर फरार हो गए। निगरानी की टीम गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी को अपने साथ पटना मुख्यालय ले आई है, जहां उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। पटना जिले के मसौढ़ी अंचल में तैनात एक भ्रष्ट राजस्व कर्मचारी राजा कुमार को निगरानी की टीम ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचते ही परिमार्जन (जमीन सुधार) के एवज में घूस की रकम ले रहा था।
परिमार्जन के नाम पर मांगी थी मोटी रकम
पूरा मामला लगभग 11 एकड़ जमीन के परिमार्जन से जुड़ा है। आरोपित राजस्व कर्मचारी राजा कुमार, जो मसौढ़ी अंचल के भदौरा मौजा में तैनात थे, पीड़ित को पिछले कई महीनों से दफ्तर के चक्कर कटवा रहे थे। जानकारी के अनुसार, जमीन संबंधी सुधार के इस कार्य के लिए पहले 2.5 लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन काफी बातचीत के बाद मामला 2 लाख रुपये पर तय हुआ। मंगलवार को पीड़ित रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये देने पहुंचा था।
निगरानी की जाल में ऐसे फंसा घूसखोर
निगरानी विभाग के डीएसपी वसीम फिरोज ने बताया कि पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। मंगलवार सुबह जैसे ही राजा कुमार ने कार्यालय में रिश्वत की रकम पकड़ी, पहले से तैनात निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। इस टीम में डीएसपी के साथ तीन इंस्पेक्टर और भारी पुलिस बल मौजूद था।
अधिकारियों में हड़कंप, मंत्री की सख्ती बेअसर?
दिलचस्प बात यह है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार विभाग में सुधार और भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त तेवर अपनाए हुए हैं। मंत्री की चेतावनी के बावजूद निचले स्तर के कर्मचारियों में कानून का खौफ नहीं दिख रहा है।
इस गिरफ्तारी के बाद मसौढ़ी प्रखंड और अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया है। कई कर्मचारी और बिचौलिए कार्यालय छोड़कर फरार हो गए। निगरानी की टीम गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी को अपने साथ पटना मुख्यालय ले आई है, जहां उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है।

