
बिहार की 18वीं विधानसभा के सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को विपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सदन की कार्यवाही को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। तेजस्वी यादव के सदन से निकलकर यूरोप जाने के विवाद पर आज विपक्ष ने प्रतिकार शुरू किया, जिसमें सीपीआई विधायक अजय कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए विरोध जताया है।
बिहार की 18वीं विधानसभा के पहले सत्र के अंतिम दिन, सीपीएम के विधायक अजय कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर आरोप लगाने से पहले सत्ता पक्ष के मंत्रियों और विधायकों को अपने कर्तव्यों पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देखा जाना चाहिए कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन को कितनी गंभीरता से समय देते हैं। वीडियो रिकॉर्डिंग में स्पष्ट दिखता है कि सदन की शुरुआत के पहले 10 मिनट और समापन के अंतिम 10 मिनट में क्या होता है। विधायक जनता के सवालों को किसके भरोसे छोड़ देते हैं? जिन समस्याओं को लेकर विधायक सदन में जाते हैं, उनका जवाब न मिलने पर राज्य की जनता का क्या हाल होगा।
ज्ञात हो कि सत्ता पक्ष की तरफ से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया गया, जिसे उन्होंने मर्यादा का उल्लंघन बताया। एनडीए ने इसे नेता प्रतिपक्ष के कर्तव्यों की अनदेखी करार दिया। मिली जानकारी के अनुसार, तेजस्वी यादव अपने परिवार के साथ यूरोप की 20 दिन की छुट्टियों पर गए हैं। हालांकि, आरोप यह भी रहा कि उन्होंने छुट्टियों की शुरुआत के पहले दो दिन सदन में आकर कार्यवाही देखी थी, जिससे उन्हें राज्यपाल के अभिभाषण की पूरी जानकारी थी। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के सदस्य अशोक चौधरी, संतोष कुमार सुमन, श्रवण कुमार समेत कई विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष पर असंवेदनशीलता और दायित्वों की अनदेखी का आरोप लगाया है।

