
बिहार की सियासत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के एक वरिष्ठ नेता ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जेडीयू युवा विंग के प्रदेश उपाध्यक्ष ने बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सीधे तौर पर सूबे के उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग के प्रभारी सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला है। राणा ने आरोप लगाया कि जब से गृह मंत्रालय का जिम्मा सम्राट चौधरी के पास आया है, अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं।
“अपराधियों का नंगा नाच और विफल प्रशासन”
बेगूसराय में हाल ही में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड के बाद जिले का राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। इसी घटना से आक्रोशित होकर गौरव सिंह राणा ने मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “पूरे बिहार में अपराधियों का नंगा नाच चल रहा है। दिन-दहाड़े हत्याएं हो रही हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।” राणा ने आगे कहा कि सम्राट चौधरी से गृह विभाग नहीं संभल रहा है। उन्होंने मांग की कि अगर वे स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
नीतीश मॉडल की याद और बीजेपी पर निशाना
जेडीयू नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल की तुलना वर्तमान स्थिति से करते हुए कहा कि जब तक गृह मंत्रालय का कमान सीधे मुख्यमंत्री के हाथों में थी, तब तक अपराधी खौफ में रहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के हस्तांतरण के बाद से ही बिहार में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। यह बयान सीधे तौर पर बीजेपी और जेडीयू के बीच आपसी समन्वय पर सवालिया निशान लगाता है।
विपक्ष को मिला नया हथियार
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता पक्ष के भीतर से उठी यह आवाज एनडीए सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर रही है। विपक्ष (आरजेडी और कांग्रेस) पहले से ही ‘जंगलराज’ के आरोपों को लेकर सरकार को घेर रहा था, अब जेडीयू नेता के इस बयान ने विपक्षी दलों को सरकार पर हमला करने के लिए नया ‘गोला-बारूद’ दे दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या यह महज एक नेता की व्यक्तिगत नाराजगी है या जेडीयू के भीतर बीजेपी के बढ़ते कद को लेकर कोई गहरी छटपटाहट।
