
बिहार में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है, जहां बाइकर्स गैंग ने सीएम आवास के बाहर खुलेआम ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए उत्पात मचाया। इस घटना को गृह मंत्री और डीजीपी के लिए सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। जिस राज्य को अपराधमुक्त और एंटी-रोमियो बनाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं सीएम हाउस के बाहर अपराधियों का यह दुस्साहस सुरक्षा व्यवस्था पर गहरी चिंता पैदा करता है।
दरअसल, गुरुवार को अचानक मुख्यमंत्री के आवास और 10 सर्कुलर रोड के बाहर बाइकर्स गैंग सक्रिय हो गया। तेज रफ्तार बाइकों पर सवार युवक प्रतिबंधित साइलेंसर के साथ शोर मचाते हुए पुलिस को खुली चुनौती देते नजर आए। वहीं, कई बाइकों पर तीन-तीन लोग सवार थे, जबकि किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था। सीएम आवास जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्र से इस तरह बेखौफ गुजरते बाइकर्स ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी, जिसके बाद पुलिस की कार्यशैली और सतर्कता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि बिहार के गृह मंत्री ने राज्य में मनचलों और अपराधियों पर सख्ती का दावा किया था, लेकिन सीएम आवास के बाहर बाइकर्स गैंग का यह दुस्साहस उन दावों पर सवाल खड़े करता है। जिस मार्ग से ये बाइकर्स गुजरे, वह प्रतिबंधित क्षेत्र है और वहां धारा 144 लागू रहती है। इसके बावजूद सीएम हाउस जैसे अति-संवेदनशील इलाके में इस तरह की गतिविधि सामने आना सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक मानी जा रही है, जिस पर अब सरकार और पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो गई है।
