
बिहार के लोगों के लिए 24 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक साबित होने वाला है, क्योंकि इसी दिन राज्य को वंदे मेट्रो की सौगात मिलने जा रही है। यह सेमी-हाईस्पीड ट्रेन पटना और जयनगर के बीच चलाई जाएगी, जिसका उद्घाटन स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मधुबनी में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान करेंगे। इस ट्रेन का संचालन समस्तीपुर रेल मंडल के अंतर्गत किया जाएगा और यह सप्ताह में छह दिन यात्रियों की सेवा में उपलब्ध रहेगी।
अब तक पटना और जयनगर के बीच की दूरी तय करने में साढ़े छह घंटे से अधिक का समय लग जाता था, लेकिन वंदे मेट्रो के शुरू होने से यह यात्रा केवल साढ़े पांच घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे यात्रियों को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि एक आरामदायक और तेज़ रफ्तार यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। इस ट्रेन को ‘नमो भारत रैपिड रेल’ रैक से संचालित किया जाएगा, जो अभी तक केवल दिल्ली और मेरठ के बीच चल रही थी। यह पहली बार है जब इस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बिहार जैसे राज्य में एक इंटरसिटी सेवा के रूप में किया जा रहा है।
जारी किए गए संभावित टाइमटेबल के अनुसार, वंदे मेट्रो सुबह 5:00 बजे जयनगर से रवाना होगी और मधुबनी, सकरी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी और मोकामा होते हुए सुबह 10:30 बजे पटना पहुंचेगी। इसी तरह वापसी यात्रा शाम 6:05 बजे पटना से शुरू होकर रात 11:45 बजे जयनगर पर समाप्त होगी। इन स्टेशनों पर ट्रेन कुछ मिनटों के लिए रुकेगी, ताकि यात्रियों को चढ़ने और उतरने में सुविधा हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन मधुबनी में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे, जहां वे रेलवे से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं में वंदे मेट्रो की शुरुआत सबसे अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह राज्य में आधुनिक रेलवे ढांचे की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल लोगों के आवागमन की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
वंदे मेट्रो ट्रेन की शुरुआत बिहार के विकास की नई रफ्तार को दर्शाती है। यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि एक उम्मीद है—जो प्रगति, सुविधा और तेज़ी से बदलते भारत की तस्वीर को सामने लाती है। आने वाले समय में इस तरह की सुविधाएं राज्य के दूसरे हिस्सों तक भी पहुंचेंगी और बिहार को एक नए युग की ओर अग्रसर करेंगी।
